25 की उम्र में ₹10,200 की SIP से बनेंगे ₹1 करोड़! जानिए 10 साल की देरी से कितना होगा भारी नुकसान...
आज हर कोई चाहता है कि भविष्य के लिए उसके पास एक बड़ा और सुरक्षित फंड तैयार रहे। किसी के लिए यह बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च होता है तो किसी के लिए आराम से रिटायरमेंट की तैयारी। अगर आपका भी टारगेट 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का बड़ा फंड तैयार करना है, तो इसके लिए बहुत बड़ी रकम से शुरुआत करना बिल्कुल जरूरी नहीं है।
असली फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि आप अपने निवेश की शुरुआत कितनी जल्दी करते हैं। म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान इसके लिए एक बेहद लोकप्रिय और आसान तरीका है। इसमें हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है, जिससे नियमित बचत की आदत बनती है और लंबे समय में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) का जबरदस्त फायदा मिलता है।
25 साल की उम्र से 1 करोड़ बनाने का गणित
मान लीजिए आपकी मौजूदा उम्र 25 साल है और आप 45 की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं। अगर म्यूचुअल फंड एसआईपी पर औसतन 12% का सालाना रिटर्न मानकर चलें, तो आपको हर महीने करीब 10,200 रुपये का निवेश करना होगा। 20 साल की इस पूरी अवधि तक यह निवेश लगातार जारी रखने पर आपकी अपनी जेब से जमा हुई कुल रकम करीब 26.48 लाख रुपये होगी, जबकि इस पर मिलने वाला अनुमानित रिटर्न करीब 76.42 लाख रुपये हो सकता है। यानी लंबे समय में कंपाउंडिंग की ताकत आपके इस छोटे से निवेश को करीब 1 करोड़ रुपये के बड़े आंकड़े तक पहुंचाने में सबसे मुख्य भूमिका निभा सकती है।
30 की उम्र में शुरुआत पर कितना पड़ेगा भार?
अब मान लीजिए कि आपने यही निवेश 5 साल बाद यानी 30 साल की उम्र में शुरू किया। ऐसे में आपके पास अपना 1 करोड़ का टारगेट पूरा करने के लिए सिर्फ 15 साल का समय बचेगा। इस स्थिति में आपको हर महीने करीब 20,500 रुपये की एसआईपी करनी होगी। इस 15 साल की अवधि के दौरान आपकी अपनी जेब से कुल मिलाकर करीब 36.90 लाख रुपये का निवेश होगा और अनुमानित रिटर्न करीब 65.51 लाख रुपये के आसपास रहेगा। यानी सिर्फ 5 साल की छोटी सी देरी से ही आपकी हर महीने की निवेश राशि लगभग दोगुनी हो जाती है।
35 साल की उम्र में शुरू किया निवेश तो क्या होगा?
अगर निवेश शुरू करते-करते आपकी उम्र 35 साल हो गई, तो 45 साल की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का वही टारगेट हासिल करने के लिए आपको हर महीने करीब 44,000 रुपये की बड़ी एसआईपी करनी पड़ेगी। यहां आपके निवेश का कुल पीरियड घटकर सिर्फ 10 साल ही रह जाता है। इस दौरान आपको खुद कुल मिलाकर करीब 52.80 लाख रुपये जमा करने होंगे और इस पर अनुमानित रिटर्न करीब 48.41 लाख रुपये ही मिल पाएगा। यानी साफ है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपको अपनी जेब से ज्यादा पैसा लगाना पड़ता है।
10 साल की देरी से चार गुना से ज्यादा हुआ मासिक निवेश
इन सभी आंकड़ों से पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि निवेश की दुनिया में समय कितना महत्वपूर्ण फैक्टर है। 25 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले व्यक्ति को हर महीने सिर्फ करीब 10,200 रुपये लगाने पड़ते हैं, जबकि वही टारगेट पाने के लिए 35 साल की उम्र में शुरुआत करने वाले व्यक्ति को हर महीने करीब 44,000 रुपये की भारी-भरकम एसआईपी करनी होगी। यानी महज 10 साल की देरी करने से आपकी मंथली निवेश की जरूरत चार गुने से भी ज्यादा बढ़ जाती है।
निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 12% का सालाना रिटर्न केवल एक अनुमानित आंकड़ा है। म्यूचुअल फंड का पूरा बाजार जोखिमों के अधीन होता है और इनमें रिटर्न की कोई पक्की गारंटी नहीं होती है। वास्तविक रिटर्न हमेशा बाजार के उतार-चढ़ाव और प्रदर्शन के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए कोई भी निवेश करने का फैसला हमेशा अपनी मासिक आमदनी, जोखिम लेने की क्षमता और अपने फाइनेंशियल टारगेट को अच्छी तरह ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।