6 नए घोड़े खरीदेगी वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, तीन घोड़ों की मौत हो जाने के कारण खड़ी हुई ये प्रशासन के सामने मुश्किल...
वाराणसी, न्यूज। रक्षाबंधन पर्व के साथ ही त्योहारों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की चुनौतियां भी पुलिस के पास होंगी। इसके दृष्टिगत कमिश्नरेट पुलिस प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। छह नए घोड़ों की खरीदारी के लिए एडीजी लाजिस्टिक के यहां प्रस्ताव भेजा गया है। इससे घोड़ों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।
वर्तमान में पुलिस कमिश्नरेट के पास नौ घोड़े बचे हैं। इसी वर्ष तीन घोड़ों की मृत्यु जाने से खरीदारी की जरूरत आ पड़ी है। घोड़ों की कमी के कारण ही कुछ माह पूर्व कानपुर में आयोजित प्रतियोगिता में कमिश्नरेट वाराणसी सहभागिता नहीं कर सका था। इसलिए कि वाराणसी में पर्यटकों, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के कारण कैंटोमेंट, श्रीकाशी विश्वनाथ क्षेत्र में पुलिस के घुड़सवार ड्यूटी में लगते हैं।
पुलिस उपायुक्त लाइन प्रमोद कुमार ने बताया कि घोड़ों की उम्र औसतन 20 वर्ष होती है। जरूरतों को देखते हुए 15 घोड़े हमारे पास होने चाहिए। इसी के दृष्टिगत खरीदारी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
इन कार्यों के कारण घोड़ों की आज भी बरकरार है उपयोगिता
पुलिस के अनुसार घोड़ों के जरिए जुलूस, प्रदर्शन, मेले और बड़े आयोजनों भीड़ की निगरानी करना आसान होता है। इसी तरह पेट्रोलिंग के दौरान जहां वाहन आसानी से नहीं पहुंच पाते, जैसे पार्क, मैदान और नदी-किनारे के क्षेत्र में घोड़ों का प्रयोग मुफीद होता है। वाराणसी में कुंभ, महाशिवरात्रि, दशहरा, बड़े मेले आदि में सुरक्षा व्यवस्था में उपयोग किया जाता है। ऊंचे-ऊंचे घोड़ों पर सवारी के कारण पुलिस की मौजूदगी दूर से नजर आती है। इसके अलावा पुलिस परेड, राष्ट्रीय/राजकीय समारोहों में भी घुड़सवार पुलिस की भूमिका होती है।