आज शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ी हालत, फिर एक-एक कर 10 लोगों की हुई मौत, एमपी सागर के कई गांवों में मचा हड़कंप...
Sagar Poisonous Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। घटना बंडा इलाके की बताई जा रही है। शनिवार रात अलग-अलग गांवों के कुछ लोगों ने शराब पी थी। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई परिवारों में मातम छा गया।
शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, बंडा क्षेत्र के घूघर, नौराज, बराज और आसपास के गांवों में शनिवार रात कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। शराब पीने के कुछ समय बाद उनकी हालत खराब होने लगी।
तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने 10 लोगों को मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सक्रिय हो गए. अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.फिलहाल जहरीली शराब कहां से आई और इसे किसने उपलब्ध कराया था, इसकी जांच की जा रही है. प्रशासन की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
दूसरे राज्यों में भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जहरीली शराब से मौत का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले देश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे हादसे सामने आए हैं. पिछले महीने गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हुई थी. इस घटना में एक दर्जन से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे।
भावनगर मामले में पुलिस ने 21 आरोपियों में से 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या और जहर देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
शराब में मिला था 38.59 फीसदी मेथनॉल
जांच के दौरान भावनगर मामले में शराब के नमूनों में 38.59 फीसदी मेथनॉल पाया गया था. मेथनॉल जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर नुकसान हो सकता है. अधिक मात्रा में सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है।
गौर करने वाली बात यह है कि गुजरात में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद वहां जहरीली शराब का मामला सामने आया था. अब मध्य प्रदेश के सागर में 10 लोगों की मौत के बाद अवैध और जहरीली शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके की सात शराब दुकानों को सील कर दिया है। साथ ही तत्काल शराब के नमूने लेने और उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कथित जहरीली शराब कहां से आई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है। अधिकारियों की टीम इस कड़ी की भी जांच कर रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
फिलहाल सागर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि लोगों ने किस तरह की शराब पी थी और उनकी मौत की असली वजह क्या रही।