बनारस में बाढ़ का पानी घटते हुए पीछे छोड़ रहा है चुनौती, कीचड़ और गाद से बढ़ी दुश्वारी...
वाराणसी, बाढ़ न्यूज। पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख बादलों और बारिश की ओर है तो दूसरी ओर बाढ़ भी सुस्त गति से कम हो रही है। बीते चौबीस घंटों में एक मीटर के करीब गंगा का पानी कम हुआ है। इसकी वजह से बाढ़ का रुख कुछ राहत देने वाला तो है लेकिन बाढ़ का पानी उतरने को अभी तैयार मानो नहीं है।
जबकि दूसरी ओर गंगा के पलट प्रवाह के बाद वरुणा में जो जलस्तर बढ़ा वह भी जल जमाव की भेंट चढ़ चुका है। वरुणा किनारे नक्खीघाट क्षेत्र के सैकड़ों मकान बाढ़ की जद में हैं और दर्जनों परिवार अपना घर छोड़कर राहत शिविर में आश्रय लिए हुए हैं। माना जा रहा है कि सप्ताह भर में पानी घटने के बाद लोग अपने घरों की ओर लौट सकते हैं।
वहीं गंगा का पानी अब घाट की ओर लौटते हुए जलपुलिस चौकी का आधा हिस्सा छोड़ चुका है जबकि शीतला मंदिर की छत से नीचे करीब एक फीट से अधिक पानी कम हो चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि सप्ताह भर के बाद शीतला माता मंदिर से भी पानी निकल सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया है। ऐसे में जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है।
दूसरी ओर बाढ़ की वजह से लगातार गंगा में नौका संचालन ठप है तो दूसरी ओर नाविक भी अब बाढ़ उतरने की कामना कर रहे हैं। बाढ़ कम होने और गंगा के वेग में कमी आने के बाद माना जा रहा है कि गंगा में नौका संचालन को सप्ताह भर के बाद अनुमति मिल सकती है। लेकिन गंगा के पीछे छूटा कीचड़ और गाद बीमारी ही नहीं हादसे का भी सबब बन सकता है।