Headlines
Loading...
एक महीने की किस्त रुकने पर खूब पीटा, खून निकलवाकर बेचा, लखनऊ में आज सनसनीखेज  मामला आया सामने...

एक महीने की किस्त रुकने पर खूब पीटा, खून निकलवाकर बेचा, लखनऊ में आज सनसनीखेज मामला आया सामने...

राजधानी लखनऊ में मोबाइल फोन की एक महीने की किस्त रुकने पर फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने निगोहां के राजाराम खेड़ा पुरहिया गांव निवासी युवक को अगवा कर लिया। रुपयों की वसूली के लिए एजेंट उसे ब्लडबैंक ले गया।एक यूनिट खून निकलवाकर बेच डाला। बंधक बनाकर पीटते रहे। घरवालों को फोन कर धमकाया, जान से मारने की धमकी दी। किस्त के 2799 रुपये खाते में मंगवाए।

इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस ने अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित परिवार ने सोमवार को डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक से मिलकर अपनी व्यथा बताई। डीसीपी ने थाने के पुलिस कर्मियों को फटकार लगाई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। देर शाम पीड़ित के भाई राजकुमार का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। केसरी न्यूज 24 वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

मोबाइल छीन ले गए फिर किस्त का दबाव

सितंबर 2025 में निगोहां कस्बे में स्थित गीता मोबाइल शॉप से पीड़ित नेवल ने जीरो डाउन पेमेंट पर 21 हजार रुपये का मोबाइल खरीदा था। नेवल के बड़े भाई राजकुमार के मुताबिक एक महीने की किस्त बकाया होने पर रिकवरी एजेंट शुभम सिंह और एक अन्य व्यक्ति घर आया। भाई का मोबाइल छीनकर ले गया था। उसने कहा कि अब तुम्हें किस्त देने की भी जरूरत नहीं है। राजकुमार ने बताया भाई ने समझा अब उस पर कोई उधारी नहीं है। एकाएक मंगलवार (सात सितंबर) को शुभम और उसका एक साथी घर पहुंचा। भाई को उसने बुलाया और स्कूटी से बैठाकर लेकर चले गए।

हत्या की धमकी देकर यूपीआई से मंगाई किस्त

अपने घर पर भाई को बंधक बनाकर रखा। उसे जमकर पीटा। इस बीच उसे एक ब्लड बैंक में ले गए। वहां एक यूनिट ब्लक निकलवाकर बेच डाला। फिर घर ले गए। बंधक बना लिया और फिर भाई से नंबर लेकर फोन किया। फोन कर 2799 रुपये किस्त के रुपये मांगे। रुपये न देने पर भाई की हत्याकर गोमती में फेंकने की धमकी दी। डरकर उनके बताए यूपीआई में रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद फिर दबंगों ने अगले दिन फोन किया। 12500 रुपये की मांग की। असमर्थता जताने पर धमकी दी।

दारोगा ने फोन कर छुड़ाया लेकिन केस दर्ज नहीं

भाई की जान को खतरा देख थाने पहुंचे। दरोगा मोहित से शिकायत की। दरोगा ने अपहर्ताओं के नंबर पर संपर्क कर नेवल को छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद अपहर्ताओं ने रैपिडो से एक आटो बुक किया। शनिवार शाम भाई को आटो पर बैठाकर थाने भेज दिया। राजकुमार के मुताबिक थाने पहुंचे भाई को देखा कि वह बदहवास हालत में था। उसे आटो से उतारा चालक को भुगतान किया। दरोगा से अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया।भाई से पूछताछ की कोशिश की तो वह ठीक से बता नहीं पा रहा था। हालत में सुधार होने पर अगले दिन भाई ने घटना की जानकारी दी। थाने तहरीर लेकर पहुंचे तो पुलिस ने फिर टरका दिया। राजकुमार ने बताया कि दोपहर वह परिवार के साथ डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक के कार्यालय पहुंचा। वहां डीसीपी से मुलाकात कर सारी घटना की जानकारी दी। डीसीपी ने फोन कर थाने को फटकार लगाई और तत्काल मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा।

पुलिस ने कहा खत्म करो, नहीं तो तुम्हारा भाई भी फंसेगा

राजकुमार के मुताबिक जब उसने तहरीर देकर निगोहां पुलिस से अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही तो पुलिस ने टाल दिया। कहा कि छोड़ो तुम्हारा भाई आ गया है। अगर मुकदमे के चक्कर में पड़ोगे तो तुम्हारा भाई भी फंसेगा। क्योंकि उसने भी किश्ते नहीं जमा की हैं।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण मो. मुश्ताक के अनुसार पीड़ित की तहरीर पर अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। तलाश में दबिश दी जा रही है। थाने के पुलिस कर्मियों की लापरवाही की जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।