Headlines
Loading...
दिव्या मित्तल राजा भैया के साथ यूपी में करेंगी सियासत? कैसे अनुप्रिया पटेल बनीं इसकी कड़ी? दुश्मन का दुश्मन बना दोस्त...

दिव्या मित्तल राजा भैया के साथ यूपी में करेंगी सियासत? कैसे अनुप्रिया पटेल बनीं इसकी कड़ी? दुश्मन का दुश्मन बना दोस्त...

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। आईएएस से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है। इस दौरान अटकलें लगाई जा रही थीं कि दिव्या मित्तल समाजवादी पार्टी या कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। लेकिन इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि वह इंडिपेंडेंट की राजीनीति करेंगी। लेकिन सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसने कई कयासों को हवा दी है। 

यह तस्वीर है दिव्या मित्तल और राजा भैया यानी कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के संस्थापक और कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह की। यह तस्वीर उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजेश सिंह रजावत ने शेयर की है। उस तस्वीर में जो लिखा है, उसने हर किसी का ध्यान खींचा है। तस्वीर यानी कि पोस्टर में लिखा है, 'राजनीति के कुरक्षेत्र में स्वागत है, दिव्या मित्तल जी. IAS का अनुभव+जमीनी पकड़= नई दिशा.' लेकिन सवाल यह है कि दिव्या मित्तल, राजा भैया की पार्टी के साथ क्यों जाएंगी।

अनुप्रिया पटेल Vs राजा भैया

दरअसल, इस सवाल के पीछे एक राजनीतिक जवाब है और इसका कनेक्शन मिर्जापुर की सांसद और कैबिनेट मंत्री अनुप्रिया पटेल से है। अब एक सवाल और खड़ा होता है कि आखिर राजा भैया और दिव्या मित्तल का अनुप्रिया पटेल से क्या कनेक्शन है। तो हम आपको ले चलते हैं थोड़ा से पहले यानी कि 2024 के लोकसभा चुनाव में. लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सांसद अनुप्रिया पटेल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अब राजा, रानी के पेट से नहीं बल्कि ईवीएम के बटन से पैदा होता है। 

अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान प्रतापढ़ के कुंडा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही थी। जबकि इस चुनाव के दौरान हर कोई यही कयास लगा रहा था कि राजा भैया प्रतापगढ़ सहित आसपास के कई लोकसभा सीटों पर बीजेपी को बाहर से समर्थन देंगे। लेकिन इस बयान के बाद राजा भैया की पार्टी ने मिर्जापुर में भी सपा को समर्थन दिया था। साथ ही यह भी कहा था कि जनता अपने हिसाब से वोट करे।

राजा भैया ने पलटवार में क्या कहा था

राजा भैया ने अनुप्रिया पटेल के बयान पर बहुत ही संयमित तरीके से प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि राजा या रानी अब पैदा होना बंद हो गए हैं। ईवीएम से राजा नहीं पैदा होता है। ईवीएम से जनसेवक पैदा होता है या जनता का प्रतिनिधि पैदा होता है। ईवीएस से पैदा होने वाले अगर अपने आप को राजा मान लेंगे तो लोकतंत्र की मूल भावना ही हार जाएगी। जनता जनार्दन आपको ये अवसर देती है कि आप मेरी और क्षेत्र की सेवा करें। राजतंत्र तो कब का खत्म हो गया है। कुछ कुंठित लोग हैं, जो ये करते हैं, उनसे मुझे कोई शिकायत नहीं है।

दिव्या मित्तल Vs अनुप्रिया पटेल

मिर्जापुर में दिव्या मित्तल जब बतौर डीएम तैनात थीं, तब एक सरकारी कार्यक्रम था। कार्यक्रम था मिर्जापुर के एक गांव में आजादी के बाद पहली बार पानी पहुंचाने का। इस कार्यक्रम में सभी उपस्थित थे, लेकिन अनुप्रिया पटेल मौजूद नहीं थीं। कहा जाता है कि अनुप्रिया पटेल को कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता नहीं मिला था। 

सूत्रों के मुताबिक इसी वजह से दिव्या मित्तल का ट्रांसफर कर दिया गया। कहा जा रहा है कि दिव्या मित्तल ने जिस कर्मभूमि का जिक्र किया है, वह मिर्जापुर ही होगा। मिर्जापुर में रहते हुए दिव्या मित्तल ने कई अहम काम किए थे, जिससे जिले में उनकी लोकप्रियता बढ़ गई। आलम यह था कि जब दिव्या मित्तल का ट्रांसफर हुआ तो जिले के लोगों ने विरोध प्रदर्शन तक किए थे।

दिव्या मित्तल के ऐलान से सोशल मीडिया पर पोस्ट की बाढ़

दिव्या मित्तल ने जब से इस्तीफा दिया था, तब से यह सवाल हर किसी के मन में था कि अब दिव्या मित्तल क्या करेंगी। बीते मंगलवार को वीडियो मैसेज शेयर करने से एक दिन पहले यानी कि 28 नवंबर को उन्होंने पोस्ट कर बताया था कि वह बहुत जल्द इस बात की घोषणा करेंगी और फिर उन्होंने अगले दिन, 29 सितंबर को यह ऐलान किया कि वह राजनीति में कदम रखने जा रही हैं। दिव्या मित्तल के इस अनाउंसमेंट के बाद उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट की बहार आ गई। वहीं कई राजनेताओं ने इसे सोचा-समझा हुआ और पहले से तय कदम बताया। सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने तो यहां तक कह दिया कि आईएएस बनना आसान है, विधायक बनना मुश्किल है।