यूपी बाढ़: वाराणसी-प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर घटा, कानपुर में बाढ़ का प्रकोप जारी...
वाराणसी/प्रयागराज न्यूज। वाराणसी में गंगा में शनिवार को भी घटाव जारी रहा। रात आठ बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु से 20 सेमी नीचे था। पानी दो सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से कम हो रहा है। हालांकि अब भी 16 नगरीय मोहल्ले और 24 गांव बाढ़ग्रस्त हैं।उधर, पानी घटने से गंदगी बड़ी चुनौती हो गई है। जलकुंभी और कूड़े-कचरे की बदबू से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक प्रयागराज में पानी घटने से यहां भी 24 घंटे तक गंगा का जलस्तर घटने का अनुमान है। मध्य प्रदेश और दिल्ली के साथ पूर्वांचल के जिलों में झमाझम बारिश से दोबारा पानी बढ़ने का अंदेशा है। गंगा किनारे पक्के घाट डूबे हुए हैं। गंगा-यमुना के जलस्तर में गिरावट शुरू होने से बाढ़ प्रभावित प्रयागराज में अब राहत की उम्मीद जगी है। शहर के कछारी इलाकों से लेकर नदियों के किनारे बसे गांवों तक बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि कई निचले इलाकों और गांवों में अभी भी पानी भरा होने से मुश्किलें बरकरार हैं।
संगम, दारागंज, सलोरी, छोटा बघाड़ा, झूंसी समेत यमुनापार के कई इलाकों में बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रास्तों और घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन की निगाह नदियों के उतार-चढ़ाव पर बनी हुई है। कछारी मोहल्ले से पानी हटने के बाद भी कई परिवार अभी घरों में लौटने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में लगातार गिरावट राहत का संकेत है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में बारिश या नदियों में फिर पानी बढ़ने पर स्थिति बदल सकती है। इसलिए तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
कानपुर में बाढ़ का प्रकोप जारी, एक हजार ने छत पर ली शरण
पांडु नदी का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। 11 से ज्यादा बस्तियां जलमग्न होने के बाद शनिवार को पनकी इंडस्ट्रियल एरिया बस्ती, सुंदर नगर, गंभीरपुर, कपली बौद्ध विहार, मर्दनपुर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। 500 से ज्यादा घरों तक पानी पहुंच गया है। फंसे करीब एक हजार लोग छत या प्रथम तल पर रहने को मजबूर हैं। लगातार पानी बढ़ने से कपली बौद्ध विहार और पनकी इंडस्ट्रियल एरिया बस्ती में आवागमन नाव से हो रहा है।
पांडु नदी में बढ़ रहे जलस्तर के कारण पनकी इंडस्ट्रियल एरिया बस्ती, सुंदर नगर, गंभीरपुर इलाकों में जल भराव से जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया मजदूर बस्ती पूरी तरह जलमग्न हो गई है। स्थिति यह है कि लोग नाव से जरूरत का सामान ला रहे हैं। ज्यादातर परिवार सड़क किनारे अपना जीवन व्यतीत करने पर विवश हैं। वहीं सुंदर नगर इलाके में नाले किनारे के सौ घरों तक नदी का पानी पहुंच चुका है। ज्यादातर परिवार भूतल में रखे सामान को अपने घरों के प्रथम तल पर शिफ्ट कर रहे हैं।
कुछ परिवार घरों में ताला डालकर रिश्तेदारों के घर भी चले गए हैं। अब बाढ़ का पानी सुंदर नगर के बीच मोहल्ले तक जाने लगा है। अगर जल स्तर और बढ़ा तो पिछले सालों की तरह सुंदर नगर में भी जल भराव होने की संभावना है। यहां रहने वाले मोहित पाल ने बताया कि मेरे मकान की चौखट तक पानी आ गया है। देर रात तक घर के अंदर पानी घुस जाएगा। गृहस्थी का पूरा सामान प्रथम तल में शिफ्ट कर लिया है।
भौंतीखेड़ा समेत कई गांवों के रास्ते डूबे
सचेंडी में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। नदी किनारे बसे गांवों के साथ खेतों और मकानों में पानी लगातार बढ़ रहा है। भौंतीखेड़ा, रघुनाथपुर, बछउपुर और सुरार से टिकरा जाने वाले रास्ते पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है। पानी बढ़ने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुजैनी नहर किनारे बनी बस्तियों में भी पानी घुस गया है। यहां रहने वाले मजदूर और गरीब परिवार ऊंचे स्थानों पर तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर हैं। कई परिवारों के सामने घर में पानी भरने के बाद सुरक्षित स्थान पर जाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
चित्रकूट भेजी गई राहत सामग्री
चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी गई। अधिवक्ता अनूप निगम व दीपेश श्रीवस्तव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस अभियान के माध्यम से लगभग 500 बाढ़ प्रभावित एवं जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाई गई। सामान भेजने वालों में राजीव मेहरा, शोभित शर्मा, अजय सिंह चौहान , राम अनुग्रह श्रीवास्तव, योगेन्द्र सक्सेना आदि रहे।
बौद्ध नगर में फंसे 200 लोग
कपली बौद्ध नगर का पूरा इलाका पांडु नदी के पानी से जलमग्न हो गया है। फिलहाल फंसे हुए करीब 200 लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं है। इसलिए लोगों के आने जाने के लिए प्रशासन अब नाव लगवाएगा। जिससे लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।
पिपौरी से निकाले गए 19 परिवार
पिपौरी बस्ती में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। एनडीआरएफ टीम के फंसे हुए परिवारों को निकालने के बावजूद कई परिवार नहीं निकले। जब शनिवार को पानी बढ़ा तो उनकी आफत बढ़ गई। कई परिवार पानी के बीच फंस गए। करीब 80 घर पानी में डूब गए हैं। ऐसे में लेखपाल मुजफ्फर जाकर 19 परिवार को निकालकर लाए। उनको राहत शिविर में रुकवाया गया। वहीं तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने कपली बौद्ध विहार समेत कई इलाकों में दूध, ब्रेड और खाने की सामग्री बांटी।