वाराणसी एयर शो: प्रयागराज से नियंत्रित होगी वायुसेना की हवाई शक्ति, 100 विमान दिखाएंगे नमोघाट पर अपना पराक्रम...
प्रयागराज, वाराणसी न्यूज। धर्मनगरी वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के प्रस्तावित तीन दिवसीय एयर शो (22, 24 व 25 अक्टूबर) का मुख्य शक्ति केंद्र संगम नगरी प्रयागराज बना हुआ है।वायुसेना के इस मेगा डिस्प्ले का पूरा रणनीतिक नियंत्रण और लाइव मानिटरिंग प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान (सीएसी) मुख्यालय के हाथों में है।
इस भव्य आयोजन के तहत अधिकांश फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स बमरौली वायुसेना स्टेशन के रनवे से सीधे काशी के लिए उड़ान भरेंगे। गंगा के तट पर हैरतअंगेज हवाई करतब और सटीक फार्मेशन का प्रदर्शन करने के बाद विमानों की लैंडिंग भी प्रयागराज में ही सुनिश्चित की गई है। अभ्यास सत्र के दौरान लड़ाकू विमानों की गर्जना से शहर का आकाश लगातार गूंज रहा है।
बमरौली बेस संभाल रहा सबसे अहम मोर्चा
इस बार आकाश में वायुसेना के कुल 100 अत्याधुनिक विमान अपनी तकनीकी दक्षता दिखाएंगे, जिसमें 52 लड़ाकू विमान, 32 बहुउद्देश्यीय हेलीकाप्टर, 15 मालवाहक विमान और एक विंटेज विमान शामिल हैं। देश भर के 12 वायुसैनिक अड्डों से संचालित होने वाले इस बेड़े का सबसे अहम मोर्चा बमरौली बेस संभाल रहा है।
काशी के आसमान में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, तेजस और जगुआर जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता का एहसास कराएंगे। वहीं 'सूर्यकिरण' एरोबैटिक टीम के नौ विमान आसमान में रंगीन छटा बिखेरेंगे।
गंगा की जलधारा के ठीक ऊपर चिनूक का 'होवरिंग' प्रदर्शन और गरुड़ स्पेशल कमांडो का युद्धाभ्यास विशेष आकर्षण रहेगा। रक्षा प्रवक्ता विंग कमांडर देवार्थों धर के अनुसार, आयोजन के सुचारू संचालन, एयर ट्रैफिक समन्वय और सामरिक नियंत्रण में मध्य वायु कमान केंद्रीय भूमिका निभा रही है।