वाराणसी पटाखा विस्फोट केस : आरोपी राजू खान पुलिस मुठभेड़ में घायल, 3 घंटे तक चला मलबा हटाने का काम...
वाराणसी, न्यूज। वाराणसी जिले में सारनाथ के पैगंबरपुर में गुरुवार को पटाखा बनाते समय हुए भीषण विस्फोट में करीब 30 साल पुराना दो मंजिला मकान ढह गया. धमाका इतना तेज था कि आसपास के करीब 10 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे में मकान मालिक राजू खान की पत्नी चांदनी बेगम करीब 90 फीसदी झुलस गईं, जबकि उनके बेटे आदिल के सिर में गंभीर चोट आई. बेटी अरीबा को मामूली चोटें आई हैं। चांदनी बेगम और आदिल का कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में इलाज चल रहा है. चांदनी बेगम की हालत नाजुक बनी हुई है. हादसे के बाद राजू खान मौके से फरार हो गया था. हालांकि, अब पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उसे पकड़ लिया।
आरोपी के पैर में लगी गोलीदरअसल, हादसा हुआ तो सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और राहत-बचाव टीम ने करीब तीन घंटे तक अभियान चलाकर मलबा हटाया. शुरुआती जांच में मकान में रखे दो गैस सिलेंडरों के फटने की बात भी सामने आई है. हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
मकान में विस्फोट के बाद फरार राजू खान की तलाश में पुलिस जुटी थी. देर रात सारनाथ इलाके में राजू खान का पुलिस से सामना हो गया. आरोप है कि उसने सारनाथ पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में राजू खान के दाएं पैर में गोली लग गई. घायल अवस्था में उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर पटाखा कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस मकान में करीब 30 वर्षों से पटाखे बनाने और बेचने का कारोबार किया जा रहा था. इतने लंबे समय तक आवासीय इलाके में कथित रूप से चल रहे इस कारोबार की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं हुई, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. मामले में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने कार्रवाई करते हुए पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट प्रभारी कांस्टेबल प्रकाश चंद यादव को निलंबित कर दिया है।
वहीं, पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला बारूद कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच एटीएस भी कर रही है. पुलिस विस्फोट के कारणों, अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा में हुई संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।