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ममता के बाद अब BJP ने प.बंगाल की राजनीति में आज अभिनेत्री से नेता बनीं कोयल मल्लिक उर्फ टॉली क्वीन को बनाया उम्मीदवार...

ममता के बाद अब BJP ने प.बंगाल की राजनीति में आज अभिनेत्री से नेता बनीं कोयल मल्लिक उर्फ टॉली क्वीन को बनाया उम्मीदवार...

कोलकाता, न्यूज। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अभिनेत्री से नेता बनीं कोयल मल्लिक एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक यानी कोयल मल्लिक को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

दिलचस्प बात यह है कि कुछ महीने पहले ही वह तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं। बाद में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया और टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। अब भाजपा ने उसी सीट के उपचुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। 

पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।

पश्चिम बंगाल की यह सीट खुद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी। उन्होंने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक पाला बदलते हुए भाजपा का रुख किया। अब भाजपा ने उन्हें इसी सीट पर वापस राज्यसभा पहुंचाने के लिए मैदान में उतार दिया है।

कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वह बंगाली सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं और फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें 'टॉली क्वीन' के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म 28 अप्रैल 1982 को कोलकाता में हुआ। वह मशहूर बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। अभिनय की दुनिया में लंबा करियर बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा।कोयल मल्लिक की पहचान बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय चेहरों में होती है। 

दो दशक से अधिक के अपने फिल्मी सफर में उन्होंने कई फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई और बड़ी संख्या में प्रशंसक बनाए। उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पश्चिम बंगाल में उनकी मजबूत सार्वजनिक पहचान भी बनी। इसी वजह से राजनीति में उनके प्रवेश ने भी काफी सुर्खियां बटोरीं।

साल 2026 की शुरुआत में कोयल मल्लिक ने सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया और अप्रैल 2026 में उन्होंने उच्च सदन की सदस्य के रूप में शपथ ली। इस तरह फिल्मी दुनिया की 'टॉली क्वीन' का सफर संसद तक पहुंच गया। हालांकि उनका टीएमसी के साथ यह राजनीतिक सफर ज्यादा लंबा नहीं चला।

कुछ महीनों बाद जुलाई में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी। उनके इस्तीफे से पश्चिम बंगाल की यह सीट खाली हो गई और उपचुनाव की जरूरत पड़ी। इसके बाद उनके भाजपा में जाने से बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हुई। अब भाजपा द्वारा उन्हें उसी खाली सीट के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद यह मामला और दिलचस्प हो गया है।

कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाना भाजपा की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। एक तरफ उनके पास बंगाली सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री के रूप में मजबूत पहचान है, वहीं दूसरी तरफ वह कुछ महीने पहले तक तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी हुई थीं। ऐसे में भाजपा उनके जरिए राजनीतिक संदेश देने के साथ ही बंगाल में लोकप्रिय सांस्कृतिक चेहरों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति को आगे बढ़ाती दिखाई दे रही है।

कोयल मल्लिक के भाजपा उम्मीदवार बनने पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस घटनाक्रम को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और पार्टी छोड़ने वाले चेहरों को लेकर सवाल उठाए। इससे साफ है कि कोयल का भाजपा में जाना और अब राज्यसभा उम्मीदवार बनना बंगाल की सियासत में केवल एक चुनावी घटनाक्रम तक सीमित नहीं रहने वाला है।

राज्यसभा चुनाव के मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक 16 अक्टूबर को मतदान होना है। पश्चिम बंगाल में यह उपचुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि जिस नेता के इस्तीफे के कारण सीट खाली हुई, अब वही नेता दूसरी पार्टी के टिकट पर उसी सीट के लिए चुनावी मैदान में है। भाजपा के पास पश्चिम बंगाल विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण कोयल मल्लिक की उम्मीदवारी राजनीतिक रूप से काफी मजबूत मानी जा रही है।

कोयल मल्लिक का राजनीतिक सफर बेहद कम समय में कई बड़े मोड़ देख चुका है। पहले बंगाली सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री के रूप में पहचान, फिर तृणमूल कांग्रेस के जरिए राज्यसभा में प्रवेश, कुछ ही महीनों बाद इस्तीफा और अब भाजपा के टिकट पर दोबारा राज्यसभा पहुंचने की कोशिश—इन घटनाक्रमों ने उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में ला दिया है।

अब सबकी नजर 16 अक्टूबर के राज्यसभा चुनाव पर रहेगी। अगर कोयल मल्लिक भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज करती हैं, तो कुछ ही महीनों के भीतर वह दो अलग-अलग दलों के टिकट पर राज्यसभा पहुंचने का दिलचस्प राजनीतिक सफर पूरा करेंगी। फिलहाल भाजपा के इस दांव ने बंगाल की राजनीति में 'टॉली क्वीन' को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।