नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में रात क्यों हुई? बेटे मल्हार ने बताया.. सुबह तक क्यों नहीं किया इंतजार, अधूरी फिल्मों पर भी बड़ा खुलासा...
पुणे/पणजी, न्यूज। भारतीय सिनेमा के सबसे सशक्त और बेबाक अभिनेताओं में शुमार नाना पाटेकर के अचानक चले जाने से पूरे देश और फिल्म जगत में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। संवाद अदायगी के बेजोड़ अंदाज और पर्दे से इतर किसानों व वंचितों के लिए की गई दरियादिली के दम पर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर 2026 की सुबह दुनिया को अलविदा कह दिया।
गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से उनका देहांत हो गया। इसके बाद उसी दिन देर रात करीब 11 बजे उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां इकलौते बेटे मल्हार पाटेकर ने नम आंखों से चिता को मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार के बाद मल्हार ने मीडिया से बातचीत करते हुए देर रात अंतिम विदाई देने के कारणों और नाना के सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने को लेकर कई बातें साझा कीं।
देर रात अंतिम संस्कार क्यों? बेटे मल्हार ने दी स्पष्टीकरण
नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को रात में ही संपन्न करने और बॉलीवुड सितारों के आने का सुबह तक इंतजार न करने को लेकर उठ रहे सवालों पर मल्हार पाटेकर ने स्थिति साफ की। मल्हार ने कहा, “ऐसी कोई विशेष बात नहीं थी कि कल क्यों नहीं किया या सुबह तक क्यों नहीं रुके। असल में यह दुखद घटना सुबह काफी जल्दी हो गई थी और दिनभर में पहले ही काफी वक्त बीत चुका था। उनका पार्थिव शरीर गोवा में था, उम्मीद थी कि हम जल्दी पहुंच जाएंगे, लेकिन कुछ वजहों से प्रक्रिया में समय लग गया। चूंकि सुबह की घटना थी और पार्थिव शरीर को बहुत ज्यादा देर तक रखना ठीक नहीं समझा गया, इसलिए परिवार ने मिलकर तय किया कि अंतिम संस्कार उसी दिन रात में संपन्न कर दिया जाए।”
नाना की सामाजिक विरासत और नाम फाउंडेशन पर क्या बोले मल्हार?
नाना पाटेकर द्वारा किसानों की भलाई के लिए शुरू किए गए ‘नाम फाउंडेशन’ और उनके जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने के सवाल पर मल्हार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “नाना साहब जैसे व्यक्तित्व कभी दुनिया से नहीं जाते, वे अपने कर्मों और किरदारों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं। उनकी सोच हमेशा एक ही सूत्र वाक्य के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिसे वे अक्सर दोहराते थे-’मानवता के नाम पर एकजुट हों और इस दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करें’। हम उनकी इसी सीख और सामाजिक उत्तरदायित्व को पूरी निष्ठा से आगे जारी रखेंगे।”
अधूरी रह गईं तीन फिल्में, निधन के बाद पर्दे पर दिखेंगे
नाना नाना पाटेकर के असमय निधन से उनकी तीन आगामी फिल्मों का काम अधूरा रह गया, जो अब उनके मरणोपरांत पर्दे पर दस्तक देंगी। इनमें निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की फिल्म ‘इठा’ शामिल है, जिसमें रणदीप हुड्डा और श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
इसके अलावा वे मैडॉक फिल्म्स की हॉरर-कॉमेडी ‘शक्ति शालिनी’ में एक तांत्रिक के अनोखे किरदार में दिखेंगे, जिसमें अनीत पड्डा भी अहम किरदार निभा रही हैं। वहीं वे ‘द कन्फेशन ऑफ मैरी’ का भी हिस्सा थे, जिसके 2027 में रिलीज होने की संभावना है।
गौरतलब है कि उनके जीवनकाल में रिलीज हुई आखिरी फिल्म शाहिद कपूर स्टारर ‘ओ रोमियो’ थी, जबकि अभिनय के तौर पर उनकी अंतिम प्रस्तुति प्राइम वीडियो पर रिलीज फिल्म ‘सूबेदार’ रही, जिसमें वे एक खास कैमियो रोल में नजर आए थे।