मंगलवार को घर आने का वादा कर गए मोनल !! कुछ घंटे बाद मिली मौत की खबर.. बड़े भाई संग बाइक खरीदने की अधूरी रह गई ख्वाहिश...
आरा(भोजपुर), न्यूज। भोजपुर जिले के संदेश थाना में कार्यरत होमगार्ड जवान मोनल कुमार राय की मौत ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। रविवार की रात मौत से कुछ घंटे पहले ही उनकी अपने बड़े भाई धीरज कुमार से फोन पर बात हुई थी। मोनल ने मंगलवार को छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी। दोनों भाइयों ने साथ मिलकर नई बाइक खरीदने की योजना भी बनाई थी।
परिवार को इंतजार था कि मंगलवार को मोनल घर आएंगे, सबके साथ बैठेंगे और बाइक खरीदने की तैयारी करेंगे। लेकिन किसे पता था कि घर आने का वादा अधूरा रह जाएगा और परिवार को उनकी मौत की खबर सुननी पड़ेगी।
भोजपुर जिले के संदेश थाना परिसर स्थित होमगार्ड बैरक में रविवार की रात साथी जवान की सर्विस रायफल से गोली चलने के दौरान मोनल राय की मौत हो गई थी।
घटना के बाद से ही उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घरवालों को अब उनकी आखिरी बातचीत और घर आने के वादे की याद बार-बार सता रही है।
मौत से कुछ घंटे पहले भाई से हुई थी बात
मोनल के बड़े भाई धीरज कुमार ने बताया कि रविवार की देर शाम करीब आठ बजे उनकी भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। उस समय मोनल ने बताया था कि शाम की ड्यूटी समाप्त कर बैरक लौट आए हैं।
खाना खाने के बाद आराम करने की बात भी कही थी। बातचीत के दौरान सबकुछ सामान्य था और किसी अनहोनी का कोई अंदेशा नहीं था। इसके कुछ ही घंटे बाद परिवार को मोनल की मौत की खबर मिली।
धीरज कुमार के मुताबिक, घटना की जानकारी उन्हें दूसरे लोगों से मिली। परिवार के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। कुछ घंटे पहले जिस भाई से सामान्य बातचीत हुई थी, उसके हमेशा के लिए चले जाने की खबर ने सभी को तोड़कर रख दिया।
बड़े भाई के साथ बाइक खरीदने की थी योजना
मोनल कुमार राय स्प्लेंडर बाइक खरीदना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि अपनी बाइक होने से ड्यूटी पर आने-जाने में सुविधा होगी।
इसी सिलसिले में बड़े भाई ने उन्हें छुट्टी लेकर घर आने को कहा था, ताकि दोनों साथ में बाइक देख सकें और खरीदने की योजना बना सकें।
मोनल ने भाई को बताया था कि फिलहाल छुट्टी नहीं मिल रही है। हालांकि, उन्होंने मंगलवार को छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी।मोनल ने भाई को बताया था कि फिलहाल छुट्टी नहीं मिल रही है। हालांकि, उन्होंने मंगलवार को छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी।
परिवार को उम्मीद थी कि उनके आने पर बाइक खरीदने को लेकर बातचीत होगी और सभी साथ में कुछ समय बिताएंगे। लेकिन यह योजना अब अधूरी रह गई। परिवार के लिए बाइक खरीदने की खुशी की जगह भाई को खोने का गहरा दुख रह गया है।
परिवार में सबसे छोटे थे मोनल, पिता किसान
सहार थाना क्षेत्र के गुलजारपुर गांव के वार्ड संख्या-12 निवासी प्रेम शंकर राय के पुत्र मोनल कुमार राय अपने बड़े भाई धीरज कुमार और बहन सोनी कुमारी से छोटे थे। उनकी मां अनीता देवी गृहिणी हैं, जबकि पिता किसान हैं। बड़े भाई धीरज कुमार बालू घाट पर काम करते हैं।
मोनल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग उस जवान के लौटने की उम्मीद कर रहे थे, जिसने मंगलवार को घर आने का भरोसा दिया था। अब उनकी यादें और आखिरी बातचीत ही परिवार के पास शेष रह गई हैं।
पिछले साल बिहार गृह रक्षा वाहिनी में हुए थे बहाल
मोनल कुमार राय वर्ष 2025 में बिहार गृह रक्षा वाहिनी में बहाल हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग खवासपुर थाना में हुई थी। इसके बाद उन्होंने नारायणपुर थाना और आरा मंडल कारा में भी ड्यूटी की। करीब एक महीने पहले उनका तबादला संदेश थाना में किया गया था।
नौकरी में आने के बाद मोनल अपने भविष्य को लेकर योजनाएं बना रहे थे। बाइक खरीदने की इच्छा भी इसी दिशा में एक कदम थी, ताकि ड्यूटी के दौरान आने-जाने में सुविधा हो। हालांकि, उनकी असमय मौत से परिवार की उम्मीदों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ड्यूटी के बाद बैरक में आराम कर रहे थे जवान
बताया जाता है कि रविवार की शाम ड्यूटी समाप्त करने के बाद मोनल बैरक लौटे थे। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गए थे।
इसी दौरान कमरे में दो अन्य जवानों के पहुंचने के बाद अचानक सर्विस रायफल से गोली चल गई। गोली की आवाज सुनते ही बैरक में अफरातफरी मच गई।इसके बाद साथी जवान आनन-फानन में मोनल को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, सर्विस रायफल से गोली किन परिस्थितियों में चली, इसकी वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना को लेकर पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से जांच की जा रही है।
सर्विस रायफल जब्त, एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि संदेश थाना परिसर स्थित होमगार्ड बैरक में फायरिंग के दौरान जवान मोनल राय के सीने में गोली लगी थी।
अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। घटनास्थल को सील कर दिया गया है और जिस सर्विस रायफल से गोली चली थी, उसे जब्त कर लिया गया है। घटनास्थल पर एफएसएल की टीम को बुलाया गया है।
एसपी के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद होमगार्ड जवानों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है।
जिस जवान की रायफल से गोली चली, उसकी मृतक से दोस्ती थी। दोनों के बीच पहले से किसी विवाद की जानकारी भी नहीं मिली है।
गश्ती दल के जवानों से भी पूछताछ की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और विभागीय जांच के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा।
साथी जवान बोले- गोली कैसे चली, इसकी जानकारी नहीं
साथी जवान उत्तम ने बताया कि एक कमरे में चार जवान रहते थे। रविवार की शाम ड्यूटी समाप्त करने के बाद सभी बैरक लौटे थे।
खाना खाने और आराम करने के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने मिठाई खाई। इसके बाद वह रात्रि ड्यूटी के लिए निकल गए थे।
उत्तम के अनुसार, गोली चलने की सूचना मिलने पर जब वह बैरक पहुंचे तो कमरे में मौजूद सचिन और रिशु रो रहे थे। उन्होंने बताया कि गोली लग गई है।
इसके बाद सभी आनन-फानन में मोनल को अस्पताल लेकर पहुंचे। उत्तम ने कहा कि गोली कैसे चली, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
फिलहाल, घटना की जांच जारी है। परिवार को अब भी मोनल की आखिरी बातचीत याद आ रही है, जिसमें उन्होंने मंगलवार को घर आने की बात कही थी। बड़े भाई के साथ बाइक खरीदने का सपना देखने वाले मोनल अब कभी घर नहीं लौटेंगे। उनके जाने से परिवार की खुशियां और भविष्य की कई योजनाएं अधूरी रह गई हैं।