वाराणसी में आज समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोले- 'सरकारी अस्पतालों में बढ़ाई जाए ओपीडी की संख्या'...
वाराणसी, न्यूज। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को सर्किटहाउस में वाराणसी मंडल के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी की संख्या बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए। कहा कि आमजन को समय पर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ओपीडी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने सभी सर्जनों की मासिक समीक्षा कराने और प्रत्येक सर्जन द्वारा किए जा रहे सर्जरी कार्यों की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए। उन्होंने मरीजों का सरकारी अस्पतालों पर विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को इतना मजबूत बनाया जाए कि लोग निजी अस्पतालों की बजाय सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराना पसंद करें। निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी न होने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया जाए। दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय से सूची बनाकर ड्रग वेयरहाउस से दवाएं मंगाने के आदेश भी दिए गए।
उप मुख्यमंत्री ने वाराणसी में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज के निर्माण को जल्द पूरा कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी परियोजना की नियमित निगरानी करें और निर्माण को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना सुनिश्चित करें।
विकास कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी परियोजना की नियमित निगरानी करें और निर्माण को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना सुनिश्चित करें। विकास कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडल के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए। साथ ही चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। अपर निदेशक डा. दिग्विजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनपी सिंह आदि मौजूद रहे।