बिना खाए पिये दिनभर की तपस्या, हाथों में सजी पिया के नाम की मेहंदी व शाम को सोलह शृंगार कर मुहूर्त में किया पारण, बादल में छिपा रहा चाँद
वाराणसी, ब्यूरो। बिना खाए, जल ग्रहण किए बिना, दिनभर की तपस्या, हाथों में सजी पिया के नाम की मेहंदी और शाम को सोलह शृंगार कर छतों पर टकटकी लगाए सुहागिनों के चेहरे पर थकावट की जगह उल्लास दिखा।
करवा चौथ पर गुरुवार को देर शाम आसमान में घने बादलों और रिमझिम फुहारों ने सुहागिन महिलाओं की परीक्षा ली लेकिन बादलों का पहरा काशी की नारियों के अटल विश्वास को भी डिगा नहीं सका।
गंगा की लहरों पर जैसे ही गोधूलि बेला ने सिंदूरी आभा बिखेरी, शहर के मुहल्लों, कालोनियों और बहुमंजिला इमारतों की छतें व बालकनियां पूजन की थालियों से जगमगा उठीं। रेशमी साड़ियों, लहंगों और आभूषणों से सुसज्जित नई-नवेली दुल्हनों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। शाम ढलते ही सामूहिक पूजन का दौर शुरू हुआ।
महिलाओं ने एक साथ बैठकर करवाचौथ की पारंपरिक पौराणिक कथा सुनी, श्रद्धापूर्वक करवे फेरे और सुहाग पिटारी का आदान-प्रदान कर बड़ों से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद लिया। दीपक की मंद लौ, धूप-अगरबत्ती की भीनी सुगंध और अमर सुहाग के मधुर गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
पूजन के बाद शुरू हुआ चंद्रमा के दर्शन का बेसब्री भरा इंतजार
आसमान में छाए बादलों और बूंदाबांदी के कारण जब चंद्रोदय के निर्धारित समय शाम सात बजकर 57 मिनट के बाद भी चांद नजर नहीं आया तो महिलाओं ने शास्त्रसम्मत चंद्रोदय काल के अनुसार दिशा का ध्यान कर असीम श्रद्धा से अर्घ्य अर्पित किया।
शंख, घंटियों की मंगलध्वनि के बीच सुहागिनों ने छलनी में जलता दीपक रख पहले चंद्रमा का दीदार किया, फिर उसी चलनी की ओट से मुस्कुराते जीवनसाथी का चेहरा निहारकर उनके हाथों से जल ग्रहण किया और अपना निर्जला व्रत खोला।
युवा पतियों ने भी बराबरी में रखा व्रत
करवाचौथ पर काशी में दांपत्य के नए रंग भी उभरे. कई युवा पतियों ने अपनी जीवन संगिनी के प्रति सम्मान और बराबरी का भाव दर्शाते हुए स्वयं भी दिनभर निर्जला उपवास रखा। इसके बाद खुद भी सज- धजकर विधि- विधान से पूजन में सहभागी बने।
पारण में परंपरा संग सेहत का भी रखा ख्याल
व्रत के बाद पारण में महिलाओं ने सेहत का ध्यान रखते हुए पारंपरिक फेनी और मठरी के साथ ही ड्राई फ्रूट्स, मखाने की खीर, केले के चिप्स, ताजे फल और नारियल पानी जैसे सात्विक आहार को तरजीह दी।