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यूपी बुलंदशहर में PMGSY की 5 किमी सड़क निर्माण में खुली भ्रष्टाचार की पोल 'आगे-आगे बन रही सड़क, पीछे-पीछे उखड़ रही डामर'ग्रामीणों में है भारी रोष...
रिपोर्ट, केसरी न्यूज 24 बुलंदशहर (यूपी)।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिला बुलंदशहर में विकास के दावों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं।
ब्लॉक बीबी नगर (भवन बहादुर नगर) के गांव चित्सोना अलीपुर से ब्लॉक लखावटी के गांव सेगा जगतपुर को जोड़ने वाले 5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भ्रष्टाचार का ऐसा नंगा नाच देखने को मिला है कि सड़क आगे-आगे बनती जा रही है और पीछे-पीछे उखड़ती जा रही है। 13 साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए इस निर्माण कार्य में तय मानकों को ताक पर रखकर मात्र एक इंच से भी कम मोटाई की परत बिछाई जा रही है, जिसे लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग वर्ष 2012-13 में बनाया गया था। इसके बाद बीते लगभग 13 वर्षों तक विभाग ने इस सड़क की सुध नहीं ली। देखरेख के अभाव में सड़क पर गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके थे, जिससे आए दिन राहगीर और किसान दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे थे। अक्टूबर 2026 में जब ग्रामीणों ने मार्ग पर डामरीकरण का काम शुरू होते देखा, तो उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
1 अक्टूबर को जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम का जायजा लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि:
• सड़क पर मानक के अनुरूप तारकोल और डामर का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
• निर्माण में मात्र 1 इंच से भी कम मोटाई की परत बिछाई जा रही है।
• गुणवत्ता इतनी घटिया है कि भारी वाहन तो दूर, हल्के दबाव से ही गिट्टियां उखड़ कर बिखर रही हैं।
• सड़क की ऐसी दुर्दशा देखकर भड़के ग्रामीणों ने मौके पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और घटिया सामग्री से किए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश की योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्ट ठेकेदारों और लापरवाह इंजीनियरों की तूती बोल रही है। ऐसे ठेकेदारों को सरकारी काम सौंपे जा रहे हैं, जिनकी बनाई सड़कें छह महीने भी नहीं टिक पातीं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि:
• सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो।
• भ्रष्ट ठेकेदार और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सड़क का निर्माण तय मानकों और पूरी गुणवत्ता के साथ नए सिरे से कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानकों की अनदेखी कर घटिया सड़क थोपने की कोशिश की गई, तो वे संपूर्ण क्षेत्र में चक्का जाम कर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।