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QR कोड से 4,900 रुपये चुकाए, कुछ घंटे बाद खाते से गायब हो गये 3.11 लाख; दुकानदार के खाते में बचे सिर्फ 29 रुपये, पुलिस कर रही जाँच

QR कोड से 4,900 रुपये चुकाए, कुछ घंटे बाद खाते से गायब हो गये 3.11 लाख; दुकानदार के खाते में बचे सिर्फ 29 रुपये, पुलिस कर रही जाँच

Bhagalpur QR Code Cyber Fraud: भागलपुर, न्यूज। भागलपुर में साइबर ठगी का शिकार हुए घोघा निवासी दुकानदार हरिमोहन मंडल ने खरीदारी के बाद दुकानदार को क्यूआर कोड स्कैन कर 4,900 रुपये का भुगतान किया। कुछ घंटे बाद मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। शुरुआत में शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके बैंक खाते में जमा बड़ी रकम निकल चुकी है। जब उन्होंने योनो एप पर खाते की जांच की, तो पता चला कि 3.11 लाख रुपये की निकासी हो चुकी है, खाते में महज 29 रुपये बचे थे।

भागलपुर में साइबर ठगी का शिकार हुए घोघा निवासी दुकानदार हरिमोहन मंडल ने साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करायी है. उनके एसबीआइ खाते से 17 अलग-अलग किस्तों में रकम निकाले जाने की बात सामने आयी है. शिकायत के बाद 18 हजार रुपये होल्ड किये गये हैं। पुलिस अब संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, ताकि ठगी में शामिल लोगों तक पहुंचा जा सके।

4,900 रुपये का भुगतान करने के बाद आने लगे निकासी के मैसेज

हरिमोहन मंडल ने बताया कि मंगलवार को वह थोक सामान खरीदने के लिए भागलपुर आये थे। खरीदारी के बाद उन्होंने दुकान में लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर 4,900 रुपये का भुगतान किया।

इसके कुछ घंटे बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से रुपये कटने के संदेश आने लगे. लगातार निकासी के मैसेज मिलने पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने योनो एप के जरिये अपने एसबीआइ खाते की जांच की.खाते की जानकारी देखने पर उन्हें पता चला कि 17 अलग-अलग बार में कुल 3.11 लाख रुपये निकल चुके हैं। रकम निकलने के बाद खाते में केवल 29 रुपये शेष बचे थे. इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करायी और साइबर थाना पहुंचकर मामले की जानकारी दी।

17 बार में निकाली गयी रकम, 18 हजार रुपये हुए होल्ड

इस मामले में खाते से रकम की निकासी अलग-अलग किस्तों में की गयी. पीड़ित की शिकायत के बाद 18 हजार रुपये होल्ड किये गये हैं. होल्ड की गयी रकम पर आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और बैंकिंग प्रक्रिया के अनुसार होगी।

पुलिस संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है. इसका उद्देश्य उन खातों तक पहुंचना है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गयी हो. साथ ही खाते से निकाली गयी शेष रकम की बरामदगी के प्रयास किये जा रहे हैं।

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्यूआर कोड से भुगतान करने और बाद में खाते से रकम निकलने के बीच तकनीकी रूप से क्या संबंध था। जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि ठगी किस तरीके से की गयी और इसमें कौन लोग शामिल हैं।

Bhagalpur QR Code Cyber Fraud: क्यूआर कोड से भुगतान करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

डिजिटल भुगतान ने खरीदारी को आसान बनाया है, लेकिन किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करते समय स्क्रीन पर दिख रहे प्राप्तकर्ता के नाम और भुगतान की रकम को ध्यान से जांचें. भुगतान के बाद बैंक का संदेश और खाते का बैलेंस भी देख लें।

यदि खाते से बिना अनुमति रकम निकलने का संदेश आये, तो तुरंत बैंक के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करायें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। शुरुआती समय में शिकायत करने से लेन-देन को रोकने या रकम होल्ड कराने की संभावना बढ़ सकती है, हालांकि पैसे की वापसी की गारंटी नहीं होती।

हरिमोहन मंडल के मामले में शिकायत के बाद 18 हजार रुपये होल्ड हुए हैं। अब जांच का अहम पहलू यह है कि बाकी रकम कहां गयी और निकासी के पीछे किसका हाथ था. पुलिस की जांच और बैंकिंग प्रक्रिया से ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।