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मिर्ज़ापुर : कोविड से अनाथ हुए 33 बच्चों में दो को दी गयी आर्थिक सहायता
मिर्ज़ापुर । जिले में कोविड की चपेट में आने से किसी बच्चे ने अपनी मां तो किसी ने पिता को खो दिया। जिले में ऐसे 33 बच्चे हैं। अब इन बच्चों को पुनर्वास के लिए बाल अधिकार विभाग की तरफ से दो हजार रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता एक वर्ष तक दी जाएगी। इसके बाद समीक्षा कर सहायता राशि को दोबारा एक वर्ष के लिए बढ़ायी जाएगी। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा.रमेश ने बताया कि अभी कोविड से अनाथ हुए दो बच्चों को प्रतिमाह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। वहीं अन्य बच्चों का सर्वें कराया जा रहा है। सर्वें रिपोर्ट के बाद डीएम से स्वीकृति लेकर आर्थिक सहायता इन बच्चों को भी मुहैया करायी जाएगी।
कोविड के चलते लोगों का रोजगार और व्यापार ही नहीं छीना बल्कि जिले के 33 बच्चे अनाथ हो गए। इनमें 29 बच्चे ऐसे हैं जिनके सिर पर से पिता का साया उठ गया है। वहीं चार बच्चों ने अपनी मां को खो दिए। इनमें कोई बच्चा अपने दादा-दादी के साथ रह रहा है तो कोई रिस्तेदारों के यहां गुजर बसर कर रहा है। बाल अधिकार विभाग की तरफ से हाल में कराए गए सर्वें में अनाथ हुए बच्चों का आंकड़ा मिला है।
अब इन बच्चों के पुनर्वास के लिए शासन से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। बाल संरक्षण अधिकारी डा. रमेश ने बताया कि नगर के महुअरिया स्थित टीचर कालोनी निवासी दो बच्चों के पिता की कोविड से मृत्यु हो गयी थी। इन बच्चों की मां को दो-दो हजार रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। कोषागार से आर्थिक सहायता की धनराशि इन बच्चों के मां के खाते में प्रति माह भेज दिया जाएगा। यह सुविधा एक वर्ष तक मिलेगी।
इसके बाद समीक्षा कर आर्थिक सहायता मुहैया कराने की समय सीमा बढ़ायी जाएगी। वहीं अनाथ होने वाले 31 बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति का आंकलन कराया जा रहा है। यदि वे शासन के मानक पर खरा उतरते है तो उन्हें भी शीघ्र ही आर्थिक सहायता की राशि पालन पोषण करने वाली माता या पिता जो भी जीवित होगा उसके खाते में भेजी जाएगी। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि कोविड से अनाथ होने वाले बच्चों का सर्वें कराया जा रहा है। सर्वें कार्य पूरा होते ही इन बच्चों के पुनर्वास के लिए शासन की योजनाओं से आर्थिक सहायता एवं अन्य सुविधाएं मुहैया करायी जाएगी।