Headlines
Loading...
पश्चिम बंगाल : शुभेंदु अधिकारी बने विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता, मनोज टिग्गा मुख्य सचेतक

पश्चिम बंगाल : शुभेंदु अधिकारी बने विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता, मनोज टिग्गा मुख्य सचेतक

पश्चिम बंगाल । विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से राज्य की सीएम ममता बनर्जी को पराजित करने वाले पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा में बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है, जबकि पूर्व विधायक दल के नेता मनोज टिग्गा को मुख्य सचेतक चुना गया है. सोमवार को केंद्रीय पर्यवेक्षक रविशंकर प्रसाद, महासचिव भूपेंद्र यादव, महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष की उपस्थिति में यह घोषणा की गई.

बता दें कि ममता बनर्जी के पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कांटे की टक्कर ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से पराजित किया था. ममता बनर्जी ने 213 सीटों पर जीत हासिल कर तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही , लेकिन ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव हार गई हैं.


सोमवार को बीजेपी कार्यालय में हुई बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव किया. 22 विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया. बाद में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी केवल विधायक दल के नेता नहीं हैं, वरन विधानसभा में विपक्ष के नेता भी होंगे. इसकी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.


बीजेपी के बंगाल ईकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव के बाद लगातार हिंसा हो रही है. इस हिंसा के खिलाफ विधानसभा के अंदर और बाहर मुकाबला करेंगे. बीजेपी के उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने कहा कि हमने सोनार बांग्ला बनाने का सपना देखा था,लेकिन हम विफल रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से ही हम भविष्य में इसे हासिल करेंगे. शुभेंदु अधिकारी योग्य साथी हैं. शुभेंदु के नेतृत्व में हम वह स्थान हासिल करेंगे.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भले ही मैं नेता बन गया हूं, लेकिन मन अच्छा नहीं है. वोट किए हैं. इस कारण उन्हें अपना घर छोड़ कर रहना पड़ रहा है. कूचबिहार से घर छोड़ कर असम में शरणार्थी शिविर में रहना पड़ रहा है. लगातार बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि 235 का दंभ देखे हैं. अभी उस अंक तक आप नहीं पहुंचे हैं. प्रजातंत्र में सब समय लोग ही अंतिम बात बोलते हैं. मेरी प्रार्थना है कि हिंसा मुक्त और शांतिमुक्त बंगाल हो. संसदीय नीति मानकर प्रतिवाद किया जाए. उन्होंने कहा कि पराजित एमएलए सीएम हुई हैं. कभी भी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नहीं हुआ है. विधानसभा में कोई कांग्रेस और माकपा का विधायक नहीं है. पहली बार बीजेपी के 77 कमल फूल हैं.