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यूपी: वाराणसी में गर्मी की बेरुखी से काशीवासी हुए बेहाल।

यूपी: वाराणसी में गर्मी की बेरुखी से काशीवासी हुए बेहाल।


वाराणसी। गर्मी की बेरुखी अनहद तरीके से अपना कहर दिनो-दिन बरपाते ही जा रही है। अलसुबह धूप की तीव्र आंच, दोपहर में चुभती गर्मी और शाम तक काशी में उमस का अंबार देखा जा रहा है। दो मिनट के लिए भी अब सड़क पर निकलना मुनासिब नहीं रह गया है। पसीना से शरीर ऐसे तर-बितर हो रहा है कि मानो इस तप रहे आषाढ़ में मानव देह ही बरस रही हो। तन से लिपटे कपड़े चंद सेकेंड में ही पसीने में सन जा रहे हैं। 

मौसम विज्ञानियों की माने तो मानसून कुछ दिनों के लिए रुठ सा गया है और यह पूर्वोत्तर और मध्य भारत की ओर शिफ्ट हो गया है। मंगलवार को धूप की चुभन और उमस का सितम दोनों चरम पर रही। वहीं पारा भी अब सामान्य तापमान से करीब तीन से पांच डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही दर्ज किया जा रहा है। जबकि आर्द्रता का स्तर भी 56 से 78 फीसद तक बना हुआ है। मंगलवार को बनारस का अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
वहीं मौसम विभाग के अनुसार दशमलव छह मिलीमीटर तक बारिश भी बनारस के ग्रामीण इलाकाें में दर्ज की गई। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभी कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम में तपन बनी रहेगी। वहीं तापमान भी अब तेजी से ऊपर जाएगा। कहा कि मानसून विंध्य और पूर्वाेत्तर की ओर मुड़ गया है, इससे बनारस में वर्षा की अकाल जैसी स्थिति आ गई है।

डीएसटी महामना जलवायु परिवर्तन केंद्र के समन्वयक एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बीएचयू के नोडल अधिकारी प्रो. आर के मल्ल व तकनीकी अधिकारी शिव मंगल सिंह ने बताया कि आने वाले अगले तीन-चार दिनों तक अभी अच्छी बारिश का कोई अनुमान नहीं है। 

आसमान में बादल छाए रहने की वजह से कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में हवा की गति भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। ऐसा अनुमान है कि 9-10 जुलाई से अच्छी बारिश की शुरूआत हो सकती है। ऐसे में उसके बाद ही उमस भरी गर्मी से भी थोड़ी राहत मिल सकती है। किसान खड़ी फसलों में जरूरत के हिसाब से सिंचाई करें।