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यूपी : एसजीपीजीआइ ने बनाया देसी ड्रायर कैबिनेट, 40 मिनट में आइसीयू उपकरणों को किया जा सकेगा विसंक्रमित
लखनऊ । संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) ने आइसीयू में प्रयोग होने वाले उपकरणों को संक्रमण विहीन करने के लिए देसी ड्रायर कैबिनेट नामक उपकरण तैयार किया है। इसकेजरिये उपकरणों में रहने वाली आद्रता को कम करना संभव हो गया है। इसका प्रयोग भी शुरू कर दिया गया है। आपरेशन थियेटर में उपकरणों को प्रयोग करने के बाद उन्हें धोया जाता है। इसके बाद उन्हें प्लाज्मा स्टरलाइजेशन (एक तरह की खास विसंक्रमित करने की मशीन) किया जाता है। इन उपकरणों में अगर जरा सी भी नमी रह जाती है तो इनका स्टरलाइजेशन नहीं हो पाता है।
इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए संस्थान के टेक्नोलाजिस्ट धीरज सिंह ने एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख प्रो. अनिल अग्रवाल, डा. रुद्राशीष हलधर व डा. आशीष कनौजिया के मदद से देसी ड्रायर कैबिनेट तैयार किया है। इस उपकरण का पेटेंट कराने की तैयारी है। आइसीयू, ओटी में ब्रीथिंग बैग, लैरिंजीयल मास्क एयरवे, इंडोट्रेकियल ट्यूब आदि उपकरणों को विसंक्रमित कर इनका दोबारा प्रयोग किया जाता है। विसंक्रमित करने से पहले उपकरणों को धोया जाता है। इसके बाद इन्हें 12 से 15 घंटे तक सुखाया जाता है, क्योंकि इनमें नमी रहने पर मशीन इन्हें विसंक्रमित नहीं करती है। ऐसे में अब देसी ड्रायर कैबिनेट 40 से 45 मिनट में इन उपकरणों की नमी को खत्म कर देता है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस उपकरण का प्रयोग कर छोटे अस्पताल इलाज के खर्च में कमी ला सकते हैं। ओटी एनेस्थीसिया टेक्नोलाजिस्ट एसोसिएशन इस उपकरण के बारे में जागरूकता अभियान चलाएगा। इस उपकरण का प्रदर्शन एनेस्थीसिया विभाग में किया गया।