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यूपी: वाराणसी मंडुआडीह स्थित एफसीआइ गोदाम व भुल्लनपुर के पीडीएस दुकान का एफसीआइ टीम ने लिया जायजा।

यूपी: वाराणसी मंडुआडीह स्थित एफसीआइ गोदाम व भुल्लनपुर के पीडीएस दुकान का एफसीआइ टीम ने लिया जायजा।

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वाराणसी। एफसीआइ फूड कार्पोरेशन आफ इंडिया की टीम ने सोमवार को मंडुआडीह स्थित एफसीआइ गोदाम व भुल्लनपुर के पीडीएस दुकान का जायजा लिया। एफसीआइ, उत्तर प्रदेश के महाप्रबंधक रजत शर्मा के नेतृत्व में टीम में उप महाप्रबंधक जग प्रसाद, भारतीय खाद्य निगम, वाराणसी के मंडल प्रबंधक मनोज कुमार मुंडोतिया व जिला आपूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र मिश्रा आदि शामिल थे। इस दौरान एफसीआइ, उत्तर प्रदेश के डीजीएम जग प्रसाद ने कहा कि फूड कारपोरेशन आफ इंडिया ने राशन में गड़बड़ी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए एफसीआई के गोदामों में स्टोर चावल की केमिकल की मदद से जांच की जा रही है।

वहीं एक खास केमिकल के इस्तेमाल से जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि गोदामों तक आने वाला चावल नए हैं या पुराने। यह जांच कुछ सेकंड में हो जाती है। अगर चावल नया है तो जांच में केमिकल का कलर ग्रीन हो होगा और पुराना है तो पीले कलर का दिखेगा। 

वहीं दूसरी तरफ़ एफसीआई के मुताबिक इस पहल से राशन कार्डधारकों को चावल के वितरण में गड़बड़ी की आशंका को रोकने मदद मिली है। इस तरह की कई शिकायतें आती थी कि सरकारी राशन की दुकानों से चावल की आपूर्ति के बाद वही वापस गोदामों में आ जाता था। लेकिन अब जांच में यह पता लगाना आसान हो गया है कि चावल नया है या फिर पुराना।

वहीं दूसरी तरफ़ डीजीएम ने बताया कि बिचौलियों के चंगुल से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश की अनाज मंडियां पूरी तरह डिजिटल कर दी गई हैं। इसके मदद से अब किसानों के नाम पर बिचौलियों की मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में मदद मिली है। नई व्यवस्था लागू होने से किसानों के अनाज का सही मूल्य सीधे उनके खाते में मिल रहा है।

वहीं डिजिटल मंडियां होने के बाद से किसान आसानी से अपनी उपज का सभी ब्यौरा अपलोड कर सकते हैं और इच्छुक खरीदार सीधे किसानों को देख सकते हैं और उनसे बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल मंडियां आसान आनलाइन भुगतान व आसान डिजिटल लेन-देन भी सुनिश्चित कर रही हैं।