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यूपी: गोरखपुर में जहर खाकर डीएम कार्यालय प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची महिला।
गोरखपुर। जिले के शाहपुर इलाके के जटेपुर उत्तरी की रहने वाली रेनू यादव जहर निगलकर सोमवार की दोपहर डीएम कार्यालय पहुंच गई। प्रार्थना पत्र हाथ में लिए महिला बेटी के साथ पहुंची थी। अभी वह डीएम से मिल पाती, इसके पहले ही लड़खड़ाकर गिर गई। महिला के गिरते ही हड़कंप मच गया। तभी बेटी ने बताया कि महिला ने जहर निगल लिया है।
वहीं यह सुनते ही अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन पुलिस को सूचना देकर महिला को जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया और वह भर्ती है। उधर, डीएम ने प्रकरण में संज्ञान लेते हुए शाहपुर थानेदार से जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
वहीं दूसरी तरफ़ शाहपुर के जटेपुर उत्तरी कृष्णा नगर प्राइवेट कॉलोनी निवासी रेनू यादव पत्नी सत्य प्रकाश का आरोप है कि उसके ही घर में जेठ व देवर हिस्सा नहीं दे रहे हैं। जबरन मारपीट कर उसे घर से भगा भी दिया गया है। इसकी शिकायत लेकर थाने पर गई, लेकिन पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि मामला राजस्व से जुड़ा है।
वहीं इसके बाद वह बेटी के साथ डीएम से मिलने आई थी। डीएम कार्यालय के दरवाजे पर पहुंचते ही वह गिर गई। इसके बाद बेटी समझ गई कि महिला ने जहर निगला है। बेटी ने ही कलेक्ट्रेट कर्मियों को जहर निगलने की जानकारी दी थी। इसी की नतीजा रहा कि महिला को जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज भी शुरू कर दिया।
वहीं रेनू यादव की बेटी ने बताया कि परिवार में चाचा व उसके रिश्तेदारों द्वारा उसकी मां का उत्पीड़ित किया जा रहा था और जायदाद से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है जिससे आहत होकर आज वह डीएम कार्यालय पर अपनी शिकायत दर्ज कराने आई थी लेकिन इसी बीच उसने जहर खा लिया। इसके बाद उसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
वहीं दूसरी तरफ़ हाल के दिनों में इस तरह की यह तीसरी घटना सामने आई है जब न्याय के लिए किसी को अपना जीवन ही संकट में डालना पड़ा है। इसके पहले गीडा इलाके का एक युवक पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाते हुए नशीली गोली खाकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गया था। बाद में एसएसपी खुद उससे मिलने पहुंचे थे।
हालांकि जांच में पता चला था कि उसके मामले में केस दर्ज है। फिर एक महिला न्याय पाने के लिए मोहद्दीपुर में पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। इसके बाद अफसरों की नजर पड़ी और फिर न्याय की प्रक्रिया शुरू की जा सकी थी। अब यह तीसरा मामला है जिसमें न्याय पाने के लिए एक महिला ने जान देने की कोशिश की है।