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हरियाणा: गुरग्राम में पुलिस ने मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश अमित गांठ को साथी समेत दबोचा।
हरियाणा। गुरग्राम के इनामी बदमाश दिल्ली के बाजितपुर गांव निवासी अमित उर्फ गांठ और उसके साथी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के गांव परोरी निवासी दीपक उर्फ भोलू को गुरुग्राम सेक्टर-31 की क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। केएमपी एक्सप्रेस-वे स्थित बांसलांबी अंडरपास के पास मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हुई।
वहीं अपाचे बाइक पर दीपक के साथ जा रहे अमित ने पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर भागने का प्रयास किया लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह बाइक समेत गिर पड़ा। भागने के लिए उसने पिस्टल से क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद पर गोली चलाई लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के चलते वह बच गए। पुलिस की ओर से चली गोली अमित के घुटने पर लगी। पुलिस के जवानों ने दोनों को दबोच लिया।
वहीं दूसरी तरफ़ अमित के खिलाफ गुरुग्राम, दिल्ली तथा सोनीपत के थानों में हत्या, हत्या के प्रयास तथा लूटपाट के करीब 24 मामले दर्ज हैं। जिस अपाचे बाइक पर दोनों बदमाश सवार थे उसे गत वर्ष थाना सदर क्षेत्र से चोरी किया गया था। एसीपी क्राइम प्रीतपाल ने बताया दीपक को पुलिस ने अदालत में पेश कर तीन दिन कर रिमांड पर लिया है। अमित को पुलिस की निगरानी में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया।
वहीं दूसरी तरफ़ हरियाणा पुलिस के 25-25 हजार के इनामी दोनों बदमाशों ने आठ बदमाशों के साथ वर्ष 2021 में दीपावली की रात आठ बजे लक्ष्मी पूजन के वक्त गांव कासन में भयानक रक्तपात किया था। गांव के रिकू सिंह से गांव के पूर्व सरपंच स्वर्गीय गोपाल सिंह के बेटे बलराम सिंह चौहान के परिवार से रंजिश थी। अमित ने रिकू के कहने पर दीपक तथा अन्य शूटरों के साथ मिलकर घर के लोगों पर ताबड़तोड़ गोली चलाई थी।
वहीं 16 गोली लगने से विकास सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। सोनू सिंह चौहान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। बाद में प्रवीण तथा बलराम ने भी दम तोड़ दिया था। गोली लगने से बलराम का बेटा यश तथा भतीजा राजेश घायल हुए थे। इस जघन्य हत्याकांड में कई आरोपित पकड़े गए थे। अमित, दीपक तथा अन्य फरार चल रहे थे।
वहीं बलराम से रिकू की पुरानी रंजिश थी। उसके भाई मनोज सिंह की वर्ष 2007 में होली के दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बलराम सिंह चौहान एवं सोनू सिंह चौहान को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोनों पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। रिकू ने अमित की मदद लेकर वारदात को अंजाम दिया था।