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यूपी: वाराणसी में रोहित नगर का वह मकान जहां कोरोना किट के नाम पर बन रहा था मौत का सामान।
वाराणसी। जिले में लंका थाना क्षेत्र में मौजूद रोहित नगर का वह मकान अचानक चर्चा में आ गया जहां पर मौत का सामान तैयार हो रहा था। जी हां, कोरोना से बचाव के लिए निजी अस्पतालों में वैक्सीन लेने वाले खुद को सुरक्षित मानकर चल रहे थे। लेकिन नकली वैक्सीन के कारोबारियों ने कोरोना संक्रमण के खतरों को कही अधिक घातक नकली कोरोना वैक्सीन बनाकर बढ़ा दिया था। एसटीएफ और ड्रग विभाग की ओर से जांच होने के बाद पता चला कि सिर्फ वाराणसी ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों को भी यहां से नकली वैक्सीन और जांच किट की आपूर्ति की जा रही थी।
वहीं एसटीएफ ने बुधवार को लंका थाना क्षेत्र के रोहित नगर स्थित एक मकान में छापेमारी कर नकली कोविशील्ड व जायकोव-डी वैक्सीन और नकली कोविड टेस्टिंग किट वृहद पैमाने पर बनाए जाने का भंडाफोड़ किया तो लोगों के होश उड़ गए। एसटीएफ ने इनपुट के आधार पर एसटीएफ फील्ड यूनिट वाराणसी ने रोहित नगर थाना लंका से राकेश थवानी पुत्र स्व. हरी किशन निवासी फ्लैट नं. 31 धनश्री कॉम्प्लेक्स सिद्दीगिरी बाग में छापा मारा तो मौके पर जो भी बरामद हुआ।
वहीं दूसरी तरफ़ वह काफी चौंकाने वाला था। यहां आसपास रहने वाले भी अंदाजा नहीं लगा सके कि कोरोना काल में यहां मौत की किट और मौत की वैक्सीन बन रही है। जांच करने पर इसके नकली पाए जाने के बाद ड्रग जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं। स्थानीय लोगों की नजर इस मकान की ओर तब गई जब एसटीएफ और जांच अधिकारियों ने कार्रवाई की।
वहीं रोहित नगर के इस मकान के कमरों में मानकों के विपरीत सामान्य तापमान पर गत्तों में नकली वैक्सीन तैयार की जा रही थी। गत्तों से लेकर नकली पैकिंग में कोरोना का टीका तैयार करके पैक किया जा रहा था। इस दौरान मकान में एक काले रंग की एसयूवी भी मौजूद रही। वहीं कमरों में टीम ने जाकर जांच की तो पूरी कड़ियां एक एक कर उजागर हो गईं। बताया गया कि यह मकान किराए पर लेकर यहां नकली दवाएं बनाने का गुपचुप कारखाना चल रहा था।
वहीं दूसरी तरफ़ नकली टेस्टिंग किट, नकली कोविशील्ड वैक्सीन, नकली जाइकोव डी वैक्सीन, पैकिंग मशीन, खाली वायल, स्वाब स्टिक बरामद किया गया। पूछताछ पर राकेश थवानी ने बताया कि वह संदीप शर्मा , अरुणेश विश्वकर्मा व शमशेर के साथ मिलकर नकली वैक्सीन व टेस्टिंग किट बनाता था। यहां से नकली कोरोना किट की दूसरे राज्यों को सप्लाई करने के लिए एक नेटवर्क भी बनाया गया था।