UP news
यूपी: वाराणसी पांडेयपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में एमसीएच विग में शिफ्ट हुआ पोषण पुनर्वास केंद्र।
वाराणसी। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) अब पांडेयपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के एमसीएच (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य) विग में शिफ्ट कर दिया गया है। कोरोना के कारण पिछले साल अक्टूबर में दीनदयाल अस्पताल से इसे शिवपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर स्थानांतरित किया गया था। इस केंद्र में कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।
वहीं लाकडाउन के बाद पोषण पुनर्वास केंद्र ने 38 बच्चों को सुपोषित किया था। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य कुपोषित और अति-कुपोषित बच्चों को सुपोषित करना है। इस केंद्र में आरबीएसके टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से कुपोषित बच्चों को लाया जाता है। साथ ही कुछ बच्चे ओपीडी के माध्यम से भी भर्ती होते हैं। 38 बच्चों को दी जा चुकी है नई जिदगी
वहीं दूसरी तरफ पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना सितंबर 2015 में हुई थी। इसमें एक ऐसी सुविधा है जहां छह माह से पांच वर्ष तक के गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे जिनमें चिकित्सकीय जटिलताएं होती हैं, को चिकित्सकीय सुविधाएं मुफ्त में प्रदान की जाती है।
वहीं इसके अलावा बच्चों की माताओं को बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक देखभाल तथा खान-पान संबंधित कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है। कोविड-19 की पहली लहर के बाद से 48 कुपोषित बच्चों को भर्ती किया गया है, जिनमें से 38 को नई जिदगी दी जा चुकी है। एक बच्चे को बीएचयू रेफर किया गया था। केंद्र पर ये मिलती हैं सुविधाएं
वहीं दूसरी तरफ केंद्र के मेडिकल आफिसर डा. सौरभ सिंह ने बताया कि इसमें कुल आठ स्टाफ हैं। यहां पर पहले बच्चों का एपेटाइट टेस्ट (भूंख की जांच) की जाती है, फिर वार्ड में भर्ती किया जाता है। इस वार्ड में कुपोषित बच्चों को कम से कम 14 दिन या अधिकतम 21 दिन तक भर्ती करके उपचार किया जाता है।
वहीं उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जैसे दूध से बना हुआ अन्नाहार, खिचड़ी, एफ-75 व एफ-100 यानी प्रारंभिक दूधाहार, दलिया, हलवा, साथ में दवाइयां एवं सूक्ष्म पोषण तत्व जैसे आयरन, विटामिन-ए, जिक, मल्टी विटामिस इत्यादि भी दी जाती हैं।