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यूपी : वाराणसी में स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा कि एक क्लिक पर होगा संपत्ति का रिकार्ड।
वाराणसी। स्टांप एवं पंजीयन मंत्रालय की दोबारा जिम्मेदारी मिलने पर मंत्री रवींद्र जायसवाल ने खुशी जाहिर की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस भरोसे के साथ मंत्रालय की जिम्मेदारी दोबारा सौंपी है उस पर खरा उतरने की हर संभव कोशिश होती रहेगी। फिलहाल, मंत्रालय स्तर पर जो भी योजनाएं बनाई जा रही है उसमें जनता हित सर्वोपरि है।
वहीं सबसे अधिक लाभ उन लोगों को होने जा रहा है जो संपत्ति खरीदते हैं तो उनका 12 साल का रिकार्ड जुटाने में पसीने छूट जाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। बस एक क्लिक पर संपत्ति के बाबत 12 साल का पूरा ब्योरा उपलब्ध हो जाएगा। ऐसी ही जन सहूलियत की योजनाओं का 100 दिन का एजेंडा तैयार किया जा रहा है। कहा कि अब अशक्तजनों को संपत्ति पंजीयन के लिए सीढिय़ां नहीं चढऩी होगी।
वहीं इसके लिए प्रदेश भर के 300 से अधिक निबंधन कार्यालय में ऐसी सुविधा विकसित की गई है। इससे निबंधन का कार्य अशक्त लोग ग्राउंड फ्लोर पर ही करा सकेंगे। सुरक्षा की गारंटी दी जा रही है। इसके लिए कार्यालय को सीसीटीवी से लैस किया जा रहा है। टोकन प्रणाली से निबंधन के लिए लोगों को कार्यालय में देर तक इंतजार नहीं करना होगा।
वहीं पूरी व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है ताकि पारदर्शिता को बढ़ावा मिले। स्वच्छता के मानकों को पूरा करते हुए कार्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सब कार्य मनोरम योजना के तहत पूरा हो चुका है। नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को नगर निगम प्रवर्तन दल में शामिल पूर्व सैनिकों ने गृहकर वसूली के लिए अभियान चलाया।
वहीं जोनल अधिकारी भेलूपुर प्रमिता सिंह तथा प्रभारी प्रवर्तन दल कर्नल राघवेंद्रनाथ मौर्य ने नेतृत्व किया। दुर्गाकुंड और चेतमणि चौराहे के आसपास क्षेत्रों में गृह कर बकायेदारों से एक लाख 50 हजार 323 रुपये वसूल किया गया। एक अन्य दुकानदार ने कई वर्षों से गृहकर नहीं किया था जिस पर उसकी दुकान सील कर दी गई। ऐसे ही वरुणापार जोन में भोजूबीर व गिलट बाजार क्षेत्र में वसूली की गई।
वहीं दो लाख 98 हजार रुपये जमा हुए। ऐसे ही आदमपुर जोन में दो लाख 86 हजार 697 रुपये जमा हुए। पांच भवनों से आंशिक भुगतान चेक के माध्यम हुआ जिससे एक लाख 46 हजार 261 रुपये जमा हुए।दशाश्वमेध जोन के चेतगंज और दालमंडी क्षेत्र में सात लाख 40 हजार रुपये जमा किए गए। कुल 16 लाख 21 हजार 281 रुपये जमा हुए।