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यूपी : कानपुर नगर में बिना एक्सरे टेक्नीशियन के टीबी पीड़ितों का हो रहा इलाज़।

यूपी : कानपुर नगर में बिना एक्सरे टेक्नीशियन के टीबी पीड़ितों का हो रहा इलाज़।


कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 में देश से टीबी की बीमारी के सफाए का आह्वान किया है। इसके लिए हर संभव प्रयास केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से किए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले में लापरवाही बरती जा रही है। दो साल से बिना एक्सरे टेक्नीशियन के टीबी पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है। डार्क रूम सहायक टीबी पीड़ितों की एक्सरे जांच कर रहा है। सोमवार को सिविल लाइंस स्थित टीबी क्लीनिक की पड़ताल दैनिक जागरण ने की तो पता चला कि एक माह से एक्सरे जांच भी नहीं हो रही थी।

वहीं सुबह आठ बजे टीबी क्लीनिक खुलने का समय है, लेकिन समय से कभी खुलता ही नहीं है। सोमवार को मरीज पहले आ गए थे, लेकिन कर्मचारी और डाक्टर नौ से साढ़े नौ बजे तक पहुंचे। मरीज पहले से आकर इंतजार कर रहे थे। चमनगंज से आए बुजुर्ग कुछ देर इंतजार के बाद लौट गए। उन्होंने बताया कि यहां इलाज चल रहा है, लेकिन एक्सरे जांच नहीं होती है। ऐसे में टीबी मरीजों को एक्सरे के लिए एलएलआर अस्पताल (हैलट) और उर्सला अस्पताल चक्कर लगा रहे हैं। यहां रोजाना टीबी के मरीज आते हैं, लेकिन दो वर्षों से एक्सरे टेक्नीशियन नहीं है। 

वहीं टीबी क्लीनिक में एक माह से अधिक समय से एक्सरे जांच नहीं हो रही है। मरीजों ने बताया कि पिछले दो वर्ष पहले एक्सरे टेक्नीशियन का स्थानांतर कर दिया गया था। पिछले डार्क रूम टेक्नीशियन को दिल की बीमारी हो गई थी, जिससे यहां एक्सरे जांच ठप थी। 

बता दें कि वहीं डा. जीके मिश्रा, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बताया कि टीबी मरीजों की एक्सरे जांच जरूरी है। मशीन है तो टेक्नीशियन भी होना चाहिए। जिला क्षयरोग अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है, कई बार उन्होंने लिखा-पढ़ी की है। इस समस्या से शासन को अवगत कराएंगे। ताकि जल्द से जल्द तैनाती हो सके।