लखनऊ :: खुद ठगे गए इंस्पेक्टर तो 400 किलोमीटर दूर से दबोच लाए जालसाज को, पांच महीने बाद ऐसे पकड़ा गया आरोपी,,,।
लखनऊ : जब जालसाज आम जनता को निशाना बनाते हैं तो पुलिस उस वक्त कुछ करे या न करे, लेकिन जब खुद ठगे जाते हैं तो तुरंत एक्शन में आ जाती है। दरअसल लखनऊ के चिनहट कोतवाली में तैनात दरोगा ब्रजेश कुमार तिवारी से साइबर ठगों ने 94 हजार रुपये हड़प लिए।
इस पर इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज कराया और करीब पांच महीनों की छानबीन के बाद ठगों की लोकेशन राजस्थान के भरतपुर में मिली। जिसके आधार पर इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार तिवारी ने टीम के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि एक आरोपी फरार होने में कामयाब रहा।
इस मामले में इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला मो. अरबाज पड़ोसी मुश्ताक के मिलकर धोखाधड़ी का काम करता था। पूछताछ के दौरान अरबाज ने बताया कि वह लोगों के मकान किराए पर देने के लिए पोस्ट डालने वालों को चिह्नित करते थे और कॉल कर मकान किराए पर लेने के बहाने बातों में उलझाते थे। फिर ऑनलाइन रेंट देने के बहाने लिंक भेज कर धोखाधड़ी की जाती थी। अरबाज ने इसी तरीके से दरोगा ब्रजेश तिवारी के साथ धोखाधड़ी की थी। जिसके बाद लोकेशन ट्रेक कर उसे पकड़ा गया।
सर्विलांस की मदद से दबोचा गया
साइबर जालसाजों ने रुपये एठने के बाद मोबाइल नंबर बंद कर दिया। जिसके बाद पुलिस लगातार नंबर को सर्विलांस पर ट्रैक करती रही। कॉल डिटेल भी खंगाली जिसमें मिले कुछ संदिग्ध नंरबों को ट्रैक करके अरबाज की सटीक लोकेशन मिली।
ऐसे ठगी होने से बचें
अंजान लिंक पर क्लिक न करें।
ई-वॉलेट या बैंक से जुड़े डिटेल अंजान के साथ साझा न करें।
डेबिट कार्ड का सीवीीव नंबर और पिन किसी को न बताएं।
मोबाइल पर रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करने से बचे।