कानपुर-प्रयागराज एलीवेटेड हाईवे धंसा, सात फुट चौड़ा बना गड्ढा, कई किमी लगा लंबा जाम,,,।
19 साल पहले बना कानपुर-प्रयागराज एलीवेटेड हाईवे शनिवार को धंस गया। सात फुट चौड़ा गड्ढा होने पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में यातायात रोक दिया गया। भीषण जाम के बीच कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। एनएचएआई अफसरों के मुताबिक हाईवे की मरम्मत में करीब डेढ़ महीने लगेंगे, तब तक डायवर्ट रूट से प्रयागराज और लखनऊ के लिए वाहन निकाले जाएंगे।
शनिवार सुबह 9:15 बजे रामादेवी जंक्शन पर ज्वाइंटर के साथ स्लैब टूट गई। सूचना मिलते ही दिल्ली से प्रयागराज और लखनऊ जाने वाला ट्रैफिक नौबस्ता पर ही रोक दिया गया। देखते ही देखते लंबा जाम लग गया। हजारों वाहनों की रफ्तार जहां की तहां थम गई। ट्रकों के बीच एम्बुलेंस भी फंस गईं।
जाम विकराल हुआ तो एनएचएआई के अधिकारी पहुंचे। स्थिति का आकलन कर दिल्ली से आ रहे वाहनों को सौ मीटर पहले सर्विस लेन पर डायवर्ट कर दिया गया। अफसरों के मुताबिक जहां एलीवेटेड हाईवे धंसा है, उसके नीचे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक है। पुल के नीचे लगे बेड ब्लॉक भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
रिस-रिस पर जाता रहा पानी
एनएचएआई की टेक्निकल टीम ने मौका मुआयना करने के बाद रिपोर्ट दी है कि ओवरलोडेड ट्रकों के कारण पूरा हाईवे खराब हो रहा है। मौरंग और गिट्टी भरे ट्रक रोड पर ही खड़े कर देते हैं। इससे गड्ढे हो जाते हैं। इसी के कारण हाईवे पर ज्वाइंटर डैमेज हुआ और इसी से पानी रिस-रिस कर गैप स्लैब में चला गया। इससे हाईवे धंस गया।
टीम ने यह भी रिपोर्ट दी है कि रेलवे ट्रैक पर गुजर रही ट्रेनों की हबिंग का बार-बार एलीवेटेड हाईवे पर जोर पड़ता है, ऐसे में ओवरलोड के पास होने पर स्ट्रक्चर पर दस गुना लोड पड़ता है। वर्ष 2013 में नौबस्ता जाने वाली सर्विस लेन भी इसी गैप स्लैब के कारण धंस गई थी।
एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमन रोहिल्ला ने बताया, दिल्ली-प्रयागराज रूट पर एलीवेटेड हाईवे का टुकड़ा धंसा है इसलिए ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। सड़क धंसने का कारण गैप स्लैब में आई खराबी है जो भारी ट्रकों की वजह से हुआ है। मरम्मत तक डायवर्जन रहेगा।