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यूपी,,जौनपुर :: गमगीन माहौल में जौनपुर का "शिराज ए हिंद" ऐतिहासिक चेहल्लुम मनाया गया,,,।

यूपी,,जौनपुर :: गमगीन माहौल में जौनपुर का "शिराज ए हिंद" ऐतिहासिक चेहल्लुम मनाया गया,,,।

जौनपुर। शीराजे हिन्द जौनपुर का ऐतिहासिक चेहल्लुम गमगीन माहौल में मनाया गया। इमाम बारगाह शेख मुहम्मद इस्लाम बाज़ार भुआ में बुधवार को दिन में एक बजे मजलिस शुरू हुई, जिसमें सोज़ख्वानी हुई। मुफ्ती मेहदी की मरसीयाख्वानी के बाद मौलाना सैय्यद नदीम जैदी फैजाबादी ने मजलिस को सम्बोधित किया। 

मजलिस की समाप्ति पर इमामबाड़े से फूलो से लदी ऐतिहासिक तुरबत निकाली। उसके बाद तुरबत से मन्नती नीबू प्राप्त करने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने देश में अमन चैन के लिए दुआं मांगी। 

इसके बाद रात में रखा ताजिया उठाया गया जो जुलूस की शक्ल में पानदरीबा रोड, हमाम दरवाजा, काजी की गली, अजमेरी, पुरानीबाजार होता हुए सदर इमामबाडा बेगमगंज पर जुलूस समाप्त हुआ। जहाँ पर ताजिया व तुरबत को भारी भीड़ ने आंसुओं से भरी आंखों से सुपुर्दे ख़ाक किया।

मंगलवार को रात्रि आठ बजे इमाम चौक पर ताजिया रखा गया। उसके बाद शब्बेदारी की मजलिस हुई। जिसको डा क़मर अब्बास ने पढ़ा। सुबह 5 बजे अलविदाई मजलिस हुई। उसके बाद आग से दहकती हुई जंजीरों का मातम अंजुमन गुलशने इस्लाम ने किया। 

शिराजे हिंद जौनपुर का चेहल्लुम एक दिन पहले मनाया जाता है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों जायरीन पहुंचते हैं। इसकी वजह बताई जाती है कि इस इमाम बारगाह एवं जुलूस के बानी शेख मुहम्मद इस्लाम मरहूम किसी मामले में फंसा दिया गया था। उन्हें जेल हो गई थी। उन्हें जिस दिन रिहा किया गया, वह सफर के महीने की 18 तारीख थी। जेल से छूटने के बाद रातभर मजलिस मातम करके 19 सफर को ताजिया को उठाया गया। 

इस चेहल्लुम की देखरेख मीर मुजफ्फर हुसैन जैदी के खानदान के लोग करते है। संचालन सैय्यद कबीर जैदी ने किया। इस अवसर पर पूर्व एम एल सी सिराज मेहदी, मौलाना सै सफदर हुसैन ज़ैदी, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दिनेश टंडन, हैदर अब्बास चांद, सै तनवीर हसन, सैय्यद जमीर जैदी, सैय्यद जफर जैदी, सैय्यद शाहिद ज़ैदी, सैयद मो मुस्तफा, क़मर हसनैन दीपू, आरिफ हुसैनी, मिर्जा जावेद सुल्तान उपस्थित रहे।