यूपी,,घोसी :: चेहल्लुम पर दिनभर चला मजलिस का दौर,,,।
घोसी। नगर के शिया बाहुल्य क्षेत्र बड़ागांव में बुधवार सुबह से ही मजलिसों का दौर शुरू हुआ और पूरा दिन चलता रहा। पहली मजलिस अलमदार हुसैन के मकान पर हुई, दूसरी मजलिस अजाखाने जैनबिया में हुई, तीसरी मजलिस जाफरी आजाखाने के सहन में हुई, चौथी और आखिरी मजलिस नीम तले सहन में अंजुमन सज्जादिया की तरफ से हुई।
मजलिस में तकरीर करतेए मौलाना सैयद शमशाद जाफरी ने शोहदाए कर्बला के चेहल्लुम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आशूर के दिन जब कर्बला के मैदान में रसूले इस्लाम के नवासे इमाम हुसैन को भूखा और प्यासा शहीद कर दिया गया और उनके परिवार और रिश्तेदारों के खैमों को आग के हवाले कर दिया गया तो दुश्मन यह सोच रहा था कि अब तो सब कुछ खत्म हो चुका है।
इतिहास की इस जुल्म व अत्याचार से भरी घटना के बाद दुश्मनों ने खुशियां मनाई। उसके बाद यजीदी सैनिक, इमाम हुसैन के परिवार और रिश्तेदारों को बंदी बना के सीरिया ले गए। चेहल्लुम यानी सफर के महीने की बीस तारीख को इमाम हुसैन के परिवार और रिश्तेदारों को अत्याचारी यजीद की जेल से आजादी मिली और उनका काफिला कर्बला पंहुचा।
कहा जाता है की मुहर्रम और सफर के महीनों में इमाम हुसैन की याद व आशूरा और चेहल्लुम के दिन उनकी याद में मजलिस करने और जुलूस निकलने के कारण इमाम हुसैन के आंदोलन के मकसद, इतिहास में बाकी रहे। इस मौके पर नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई से लेकर प्रकाश की व्यवस्था और बिजली विभाग द्वारा संबंधित कर्मचारियों से तारों को ऊंचा करने का निर्देश दिया, ताकि जुलूस सकुशल सम्पन्न हो सके।