बरेली में छात्रा को ट्रेन के आगे फेंकने के मामले में मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, थाना प्रभारी सहित तीन पुलिस कर्मी निलंबित,,,।
बरेली, 11 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में शोहदों ने एक बारहवीं की छात्रा को चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया। हादसे में उसकी जान तो बच गयी लेकिन उसके दोनों पैर और एक हाथ कट गये। निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
इस घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लेते हुए पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की ऐलान किया है। इसके अलावा लापरवाही बरतने पर प्रभारी निरीक्षक सीबीगंज थाना, दरोगा और बीट सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में 12वीं की छात्रा बुधवार की शाम को कोचिंग से पढ़कर वापस लौट रही थी। तभी उसे मनचलों ने चलती ट्रेन के आगे फेंक दिया। इससे उसके दोनों पैर कट गए और एक हाथ कट गया।
इस मामले में पीड़ित परिवार ने गांव के ही विजय और उसके साथी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह आए दिन उनकी बेटी को छेड़ता था, जिसकी शिकायत उसके घरवालों से की गई थी। कल शाम उसे ट्रेन के आगे फेंक दिया। उसके पैर और हाथ कट गए। छात्रा की मां ग्राम प्रधान और पिता सराफा कारोबारी है, जबकि चाचा अधिवक्ता हैं।
इस मामले जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री ने स्वयं मामले को संज्ञान में लिया है। सीबीगंज थाना के इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। छात्रा को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि छात्रा के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपित विजय और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
दर्ज हुआ मुकदमा
एसएसपी ने कहा तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। इसमें मुख्य अभियुक्त और उसके पिता दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लड़की को ट्रैक पर धकेला गया है।
आरोपी युवक को किया गया गिरफ्तार
डीएम ने कहा कि बहुत ही दुःख घटना है. मुख्यमंत्री ने इसे संज्ञान लिया है। पुलिस ने आरोपी और उसके पिता को अरेस्ट कर लिया है। लड़की अस्पताल में भर्ती है, कंडीशन अभी सही नहीं है। बेस्ट हॉस्पिटल में उसे शिफ्ट कर रहे हैं। जो इलाज में खर्च होगा, सरकार भरपाई करेगी। मुख्यमंत्री की तरफ से परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता दी गई है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई होगी।