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वाराणसी में हर घर में बीमार, रिपोर्ट के लिए दो से तीन दिन का इंतजार, अस्पतालों में जगह नहीं,,,।

वाराणसी में हर घर में बीमार, रिपोर्ट के लिए दो से तीन दिन का इंतजार, अस्पतालों में जगह नहीं,,,।

आज के बदलते मौसम और मच्छरों के प्रकोप से वाराणसी में वायरल फीवर के साथ ही डेंगू, चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लगभग हर घर में कोई न कोई बीमार है। डॉक्टर लोगों को जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में डेंगू की रिपोर्ट के लिए लोगों को दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से बहुत से लोगों की दवा भी नहीं शुरू हो पा रही है।

वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में डेंगू वार्ड से लेकर अन्य वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। इसमें कुछ लोगों को डेंगू है तो कोई तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और सिरदर्द का अस्पतालों में इलाज करा रहा हैं। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, जिला अस्पताल में जहां अगस्त महीने में 1000 से 1200 मरीज पहुंचते थे, वहीं सितंबर के पहले सप्ताह से वर्तमान समय तक यह संख्या 1500 से 1700 पहुंच जा रही है।

शास्त्री अस्पताल रामनगर में भी हर दिन 1000 से 1200 मरीज आ रहे हैं। इसमें आधे से अधिक वायरल फीवर और डेंगू से ग्रसित हैं। डॉक्टर की सलाह पर लोग अपना सैंपल तो सरकारी अस्पताल की लैब में दे रहे हैं लेकिन इसकी रिपोर्ट उन्हें दो से तीन दिन बाद ही मिल रही है। अस्पताल की ओर से लैब में सैंपल अधिक आने को वजह बताई जा रही है।

जिला अस्पताल में 500, बीएचयू में 200 से अधिक सैंपल की जांच

जिले में केवल दीनदयाल अस्पताल और बीएचयू में ही डेंगू के सैंपल की जांच की सुविधा है। इसमें दीनदयाल अस्पताल में हर दिन 500 से अधिक सैंपल आ रहे हैं। इसमें कुछ लोग खुद जाकर सैंपल दे रहे हैं, जबकि कुछ अन्य सरकारी अस्पतालों से आ रहे हैं। आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब में भी हर दिन 200 से ज्यादा सैंपल आ रहे हैं। यहां तो वाराणसी के अलावा आसपास के जिलों से भी आने वाले सैंपल की जांच रिपोर्ट देनी होती है।