ऑपरेशन कालनेमि :: अब तक 220 से ज्यादा फर्जी बाबाएँ गिरफ्तार, बदरीनाथ में कई संदिग्ध हिरासत में, जानिए कौन था कालनेमि?...
Operation Kalanemi: उत्तराखंड में फर्जी साधु-बाबाओं के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। बदरीनाथ धाम से लेकर देहरादून तक पुलिस ऐसे बाबाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया को बताया कि अब तक 220 से ज्यादा फर्जी बाबा गिरफ्तार हो चुके हैं। जिसमें बांग्लोदशी और अन्य राज्यों के भी फर्जी बने बाबाएं शामिल हैं।
चमोली में बदरीनाथ पुलिस ने अब तक 60 से अधिक छद्म वेषधारी गिरफ्तार किए हैं। अभियान कालनेमि के तहत पुलिस ने बदरीनाथ धाम में भी साधुओं की जांच और सत्यापन का काम शुरू कर दिया है। संदिग्ध साधुओं की पहचान कर उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही फर्जी बाबाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
देहरादून में तीन दिनों में ऑपरेशन कालनेमि के तहत 03 दिनों में 82 ढोंगी बाबाओ को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है राज्य में छद्म वेशधारियों की मूल पहचान उजागर करने के लिए ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। अब तक 220 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिनमें कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं।
जानकारी तुरंत पुलिस को दें
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि ऐसे तत्वों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि अभियान को सफल बनाने तथा लोगो की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।
ठगी की घटनाओ को अजांम देते
जो कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे व्यक्यिों, जो साधु-संतों का भेष धारण कर लोगो को विशेषकर महिलाओं व युवाओ को भ्रमित कर उनकी व्यक्तिगत या घरेलु समस्याओं का निदान करने का प्रलोभन देते हुए उन्हें वशीभूत करते हुए उनके साथ ठगी की घटनाओ को अजांम देते है, को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्व कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये गये है।
हाल ही में शुरू किया अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह अभियान हाल ही में शुरू किया है, जिसका मकसद उन व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी करना है जो साधु-संत का वेश धरकर लोगों को धोखा दे रहे हैं, खासकर धार्मिक आस्थाओं का फायदा उठाते हुए धन वसूलना और विश्वास का दुरुपयोग करना। नाम का प्रेरणा स्रोत पौराणिक "कालनेमि" राक्षस है, जो साधु रूप में छल करता था
कौन था कालनेमि जानिए
रामायण ग्रंथ में कालनेमि रावण की सेना का एक शक्तिशाली राक्षस था। एक प्रसंग आता है कि जब लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं और हनुमान संजीवनी बूटी लेने हिमालय की ओर जाते हैं, तो रावण उन्हें रोकने के लिए कालनेमि को भेजता है। कालनेमि एक साधु/ऋषि का रूप धारण कर लेता है ताकि हनुमान को धोखा देकर उनका रास्ता रोका जा सके।
उसने एक ऋषि की माया रचकर हनुमान को एक सरोवर में स्नान करने के लिए कहा, जहाँ एक मगरमच्छ के रूप में एक और राक्षसी हनुमान को मारने का प्रयास करती है। लेकिन हनुमान उसकी पहचान कर लेते हैं और अंततः कालनेमि को मार डालते हैं। कालनेमि छल, धोखा और ढोंग का प्रतीक माना जाता है। इसी को आधार बनाकर उत्तराखंड में धामी सरकार ने ऑपरेशन कालनेमि" नाम दिया है।