UP खाने के पेमेंट के लिए QR कोड स्कैन करते ही खुली पोल, मचा बवाल, कांवड़ियों ने ढाबे के मुस्लिम मालिक होने पर किया हंगामा...
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर के मीरापुर कस्बे में एक होटल संचालक की असली पहचान सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
'लकी ढाबा' नामक इस होटल पर हरिद्वार जा रहे कांवड़ यात्रियों ने भोजन किया था। आरोप है कि होटल मालिक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर खुद को हिंदू बताया। यूपीआई पेमेंट के लिए QR कोड स्कैन करते ही असली नाम सामने आ गया।
पेटीएम स्कैनर में खुली धर्म की पहचान
कावड़ यात्रियों ने जब यात्रियों ने पेटीएम स्कैनर से भुगतान किया, तो उस पर मुस्लिम नाम देखकर वे भड़क उठे। भ्रम फैलने के बाद यात्रियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने ढाबे पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कावड़ियों को शांत कराया।
स्वामी यशवीर ने उठाए सवाल
योग साधना केंद्र के संस्थापक स्वामी यशवीर महाराज ने इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले ही सभी ढाबों और होटलों पर स्पष्ट नेम प्लेट और मालिक की पहचान दर्शाने का निर्देश देना चाहिए था। स्वामी यशवीर के अनुसार, प्रशासन की लापरवाही का ही परिणाम है कि कुछ लोग अब भी पहचान छिपाकर धार्मिक यात्रियों को गुमराह कर रहे हैं।
पुलिस बढ़ाएगी निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन देते हुए बताया कि क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए निगरानी और गश्त को तेज किया गया है। वहीं इस घटना के बाद से प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।