कश्मीरी शहद, गीता महोत्सव, चंद्रयान-3, काशी-तमिल संगमम, धर्मध्वजा और विंटर टूरिज्म...मन की बात में PM Modi ने किस चीज का किया...
कश्मीर का शहद, गीता महोत्सव और दूसरे विश्व युद्ध का जिक्र..चंद्रयान-3, काशी-तमिल संगमम, धर्मध्वजा और विंटर टूरिज्म...मन की बात में PM Modi ने किस-किस चीज का किया जिक्र, यहां जानें सबकुछ सिर्फ "केसरी न्यूज 24" मीडिया नेटवर्क पर
नई दिल्ली/लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 128वां एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नवंबर का महीने बहुत सी प्रेरणाएं लेकर आया है। इस महीने 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' पर सेंट्रल हाल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत हुई। 25 नवंबर में अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण हुआ। इन दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक का लोकार्पण हुआ।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, मैनें पिछले सप्ताह हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO फैसिलिटी का उद्घाटन किया। INS 'माहे' भारतीय नौसेना में शामिल हुआ। भारत के स्पेस इकोसिस्टम को स्काईरूट के इनफिनिटी कैंपस ने नई उड़ान दी। ये भारत की नई सोच, इनोवेशन और यूथ पावर का प्रतिबिंब है।
खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक रिकॉर्ड...
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने 357 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन के साथ एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। 10 साल पहले की तुलना में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 100 मिलियन टन और बढ़ गया है। खेलो की दुनिया में भी भारत का परचम लहराया है। ये उपलब्धियां देश की हैं, देशवासियों की है और मन की बात लोगों के सामूहिक प्रयासों को लोगों के सामने लाने का एक मंच है।
'मन की बात' भारत और विदेश में अपने नागरिकों से जुड़ने के लिए प्रधानमंत्री के खास प्लेटफॉर्म में से एक रहा है। पीएम मोदी कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार शेयर करते हैं, जमीनी स्तर की पहल पर जोर देते हैं और विकास और सामाजिक अभियानों में लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देते हैं।
जम्मू-कश्मीर के शहद का पीएम ने किया जिक्र
पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के शहद का जिक्र करते हुए कहा, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में वन तुलसी यानी सुलाई, सुलाई के फूलों से यहां की मधुमक्खियां बेहद अनोखा शहद बनाती हैं। ये सफेद रंग का शहद होता है, जिसे रामबन सुलाई हनी कहा जाता है। कुछ वर्षों पहले ही रामबन सुलाई हनी को जीआई टैग मिला है।पीएम मोदी ने आगे कहा, दक्षिण कन्नड़ा जिले के पुत्तुर में वहां की वनस्पतियां शहद उत्पादन के लिए उत्कृष्ट मानी जाती हैं। यहां 'ग्रामजन्य' नाम की किसान संस्था इस प्राकृतिक उपहार को नई दिशा दे रही है। कर्नाटका के ही तुमकुरु जिले में 'शिवगंगा कालंजिया' नाम की संस्था का प्रयास भी बहुत सराहनीय है। इनके द्वारा यहां हर सदस्य को शुरुआत में दो बी-बॉक्स दिए जाते हैं। ऐसा करके इस संस्था ने अनेकों किसानों को अपने अभियान से जोड़ दिया है।
शहद प्रोडक्शन में बन रहे नए रिकॉर्ड: पीएम मोदी
नागालैंड के क्लिफ हनी हंटिंग का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, ऐसा ही उदाहरण नागालैंड से है। नागालैंड के चोकलांगन गांव में खियामनि-यांगन जनजाति सदियों से शहद निकालने का काम करती आई हैं। यहां मधुमक्खियों पेड़ों पर नहीं बल्कि ऊंची चट्टानों पर अपने घर बनाती हैं। इसलिए शहद निकालने का काम भी बहुत जोखिम भरा होता है। इसलिए यहांं के लोग मधुमक्खियों से पहले सौम्यता से बात करते हैं, उनसे अनुमति लेते हैं। उन्हें बताते हैं कि आज वे शहद लेने आए हैं। आज भारत हनी प्रोडक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। 11 साल पहले देश में शहद का उत्पादन 75 हजार मेट्रिक टन था, जो अब बढ़कर 150 लाख मेट्रिक टन से भी ज्यादा हो गया है।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव विशेष रहा...
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा, हरियाणा के कुरुक्षेत्र में महाभारत का युद्ध हुआ था, ये हम सभी जानते हैं। लेकिन युद्ध के इस अनुभव को अब आप वहां महाभारत अनुभव केंद्र में भी साक्षात महसूस कर सकते हैं। इस अनुभव केंद्र में महाभारत की गाथा को 3D, टाइट एंड साउंड शो और डिजिटल टेक्नीक से दिखाया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होना भी मेरे लिए बहुत विशेष रहा। मैं ये देखकर बहुत प्रभावित हुआ कि कैसे दुनियाभर के लोग दिव्य ग्रंथ गीता से प्रेरित हो रहे हैं। इस महोत्सव में यूरोप और सेंट्रल एशिया सहित विश्व के कई देशों के लोगों की भागीदारी रही है।
इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति की गई है। यूरोप के लातविया में भी एक यादगार गीता महोत्सव आयोजित किया गया। इस महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथोनिया और अल्जेरिया के कलाकारों ने बढ़-चढ़ करके हिस्सा लिया।
दूसरे विश्व युद्ध का पीएम मोदी ने किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, भारत की महान संस्कृति में शांति और करुणा का भाव सर्वोपरी रहा है। दूसरे विश्व युद्ध की कल्पना कीजिए... जब चारों ओर विनाश का भयावह माहौल बना हुआ था। ऐसे मुश्किल समय में गुजरात के नवानगर के जाम साहब, महाराजा दिग्विजय सिंह जी ने जो महान कार्य किया, वो आज भी हमें प्रेरणा देता है। जाम साहब किसी सामरिक गठबंधन या युद्ध की रणनीति को लेकर नहीं सोच रहे थे। बल्कि उनकी चिंता ये थी कि कैसे विश्व युद्ध के बीच पोलिश यहूदी बच्चों की रक्षा हो। उन्होंने गुजरात में तब हजारों बच्चों को शरण देकर उन्हें नया जीवन दिया, जो आज भी एक मिसाल है।
काशी-तमिल संगम का किया जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बताया कि 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल संगमम शुरू हो रहा है। इस बार के काशी-तमिल संगमम की थीम बहुत ही रोचक है - Learn Tamil - तमिल करकलम् काशी-तमिल संगमम उन सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जिन्हें तमिल भाषा से लगाव है।
उत्तराखंड का टूरिज्म कर रहा आकर्षित: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को बहुत आकर्षित कर रहा है। सर्दियों के मौसम में औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें खूब पॉपुलर हो रही हैं। पिथौरागढ़ जिले में 14,500 फुट से अधिक की ऊंचाई पर आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया था। इसमें देश भर के 18 राज्यों से 750 से ज्यादा एथलीट्स ने हिस्सा लिया था।
पीएम मोदी ने कहा, हमारी महिला टीम का Blind Cricket World Cup जीतना, बड़ी बात यह है कि हमारी इस टीम ने बिना एक भी मैच हारे, इस टूर्नामेंट को जीता है। देशवासियों को इस टीम की हर खिलाड़ी पर बहुत गर्व है।
अक्टूबर 2014 में लॉन्च होने के बाद से इस कार्यक्रम ने सफाई, पर्यावरण बचाने, डिजिटल लिटरेसी और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे अक्सर बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी और लोगों के आंदोलन को बढ़ावा मिला है।