Sahar Shaikh: मुंब्रा को हरा रंगने वाली स्पीच पर सहर शेख की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस ने नोटिस भेजकर लगा दी शर्त...
मुंबई/ठाणे: मुंबई के ठाणे में आने वाले मुंब्रा इलाके को हरे रंग से रंगने के बयान पर विवाद थम नहीं रहा है। मुंब्रा पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अब एआईएमआईएम की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख को नोटिस भेजा है। पुलिस ने यह नोटिस उनके विक्ट्री स्पीच को भेजी है। सहर शेख ने विपक्ष दलों को 400 वोटों से शिकस्त देने के बाद उनका मजाक उड़ाया था। सहर शेख ने कहा था कि वह किसी की मोहताज नहीं हैं। उन्हें यह ताकत अल्लाह से मिली है। सहर ने कहा था कि पांच साल में मुंब्रा को हरे रंग से रंगेंगे।
जितेंद्र आव्हाण पर किया था वार
29 साल की सहर शेख पूर्व एनसीपी (शरद चंद्र पवार) नेता यूनुस शेख के बेटी हैं। 29 साल की सहर शेख ने ठाणे नगर निगम चुनावों में वार्ड 30 से जीत हासिल की है। सहर शेख की विक्ट्री स्पीच पर महायुति नेताओं और स्थानीय समूहों ने आरोप लगाया कि इस टिप्पणी में सांप्रदायिक भावनाएं थीं। शेख की चुनाव के बाद की रैली का एक वायरल वीडियो सामने आया जिसमें वह एनसीपी (शरद पवार) नेता और स्थानीय विधायक जितेंद्र आव्हाड को ताना मारते हुए पूछ रही थीं, कैसे हराया? सहर के इस बयान पर विवाद नहीं हुआ। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि 5 साल के कार्यकाल के दौरान पूरे मुंब्रा को हरा रंग देंगे पर हुआ।
सहर ने बताया था धर्मनिरपेक्ष
सहर शेख ने इस स्पीच के वीडियो के वायरल होने के बाद सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं। शेख ने कहा कि यह सिर्फ उनकी पार्टी के आधिकारिक रंग का जिक्र था। उनका बयान सिर्फ पूरे मुंब्रा में अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए था। कई शिकायतों के बाद मुंब्रा पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 168 लागू की थी।
अब मुंब्रा पुलिस ने सहर शेख को उनके भाषण के लिए नोटिस भेजा
पुलिस ने नोटिस में कॉर्पोरेटर को सार्वजनिक भाषणों में सावधानी बरतने और ऐसे बयान देने से बचने की सलाह दी है। जो सांप्रदायिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। सहर शेख के पिता यूनुस शेख पहले जितेंद्र आव्हाण के करीबी थी। एनसीपी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बेटी को असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी से लड़ा दिया था।