एक और महा-डील...थर-थर कांपेंगे दुश्मन, भारत वायुसेना के बेड़े में शामिल होंगे114 राफेल, मैक्रो के आने के बाद चीन-पाक की खैर नहीं...
India France Defence Deal: भारत वायुसेना की ताकत को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। पहले ही अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान वायुसेना के बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं और अब 114 अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रस्तावित भारत दौरे से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से 114 राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी मिल सकती है।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपने रक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने की रणनीति पर तेजी से काम शुरू किया है। इसी कड़ी में 18 से 20 फरवरी के बीच भारत में प्रस्तावित एआई समिट का आयोजन होना है, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों भी हिस्सा लेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस डील के तहत 18 राफेल विमान 'फ्लाई-अवे कंडीशन' में सीधे फ्रांस से खरीदे जाएंगे, जबकि शेष विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। अनुमान है कि कुल 114 में से करीब 80 प्रतिशत विमान भारत में ही बनाए जा सकते हैं, जिससे 'मेक इन इंडिया' को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर राफेल विमानों की खरीद की योजना है। इनमें से अधिकांश विमानों का निर्माण भारतीय कंपनियों के सहयोग से देश में ही होगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र की करीब दस भारतीय कंपनियां भी शामिल होंगी। बीते महीने इस प्रस्ताव को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और अब अगले स्तर पर अंतिम स्वीकृति मिलनी बाकी है। इसके बाद तकनीकी और वाणिज्यिक शर्तों पर औपचारिक बातचीत शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि मैक्रों के भारत दौरे के दौरान ही इस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
इस बीच सरकार ने रक्षा बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। चालू वित्त वर्ष में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है। यह बजट ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश किया गया पहला बजट है, जिसमें सेनाओं के आधुनिकी करण और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया है। रक्षा बजट देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 1.99 प्रतिशत है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियों को देखते हुए भारत रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की ओर बढ़ रहा है। यदि यह डील पूरी होती है, तो भारत के पास कुल 176 राफेल लड़ाकू विमान हो जाएंगे, जिससे वायुसेना की ताकत में उल्लेखनीय इजाफा होगा।