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ड्यूटी पर तैनात ASI के 'मन की बात' जान गए धीरेंद्र शास्त्री, भीड़ से बुलाकर बताया बेटी की बीमारी का इलाज, होने लगा जयकारा...

ड्यूटी पर तैनात ASI के 'मन की बात' जान गए धीरेंद्र शास्त्री, भीड़ से बुलाकर बताया बेटी की बीमारी का इलाज, होने लगा जयकारा...

मप्र सतना, ब्यूरो। बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में नेता हो या अभिनेता, या फिर खाकी वर्दी वाला पुलिसकर्मी, बाबा की नजरों से कोई नहीं बच पाता। सतना जिले के नागौद ब्लॉक स्थित शिवराजपुर में चल रही हनुमंत कथा के दौरान ऐसा ही एक 'चमत्कार' देखने को मिला। 

यहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक एएसआई के मन में चल रही शंका को बाबा ने मंच से ही पढ़ लिया और उन्हें हजारों की भीड़ के बीच से अपने पास बुला लिया। वर्दी में अर्जी लगाने वाले यह पुलिसकर्मी सुरेंद्र कुमार हैं, जो सतना जिले के धारकुंडी थाने में पदस्थ हैं और कथा में ड्यूटी कर रहे थे।

क्या बाबा मुझे बुलाएंगे?, तभी लग गई आवाज

एएसआई सुरेंद्र कुमार पंडाल में अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभा रहे थे। धीरेंद्र शास्त्री को देखकर उनके मन में एक विचार आया। उन्होंने सोचा, बाबा सबकी सुनते हैं, लेकिन मैं तो ड्यूटी पर हूं। इतनी भीड़ में मिल पाना बहुत कठिन होगा, क्या बाबा हमारी सुनेंगे? आश्चर्यजनक रूप से जैसे ही यह विचार दरोगा के मन में आया, मंच पर बैठे धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें इशारा कर पास बुला लिया।बाबा ने मुस्कुराते हुए कहा, तुम मन में यही सोच रहे थे न कि हमें बुलाएंगे या नहीं? यह सुनते ही एएसआई भावुक हो गए और कहा 'महाराज जी, मुझे पूर्ण विश्वास था कि आप मुझे बुलाएंगे। आपने मेरी आत्मा की बात सुन ली।'

बेटी की बीमारी और इलाज बताया

एएसआई के मंच पर पहुंचते ही धीरेंद्र शास्त्री ने जब समस्या पूछी तो पुलिस कर्मी ने बताया कि बेटी को दो तीन-बार चक्कर आए थे। इतने में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पर्चा पढ़ाना शुरू किया। बिना बताए ही बाबा ने उनकी बेटी की बीमारी का जिक्र कर दिया। बाबा ने कहा तुम बेटी का विषय लेकर आए हो। उसे 'फिट' की दिक्कत बनती है, झटके लग जाते हैं। यह साधारण है, मात्र दो या तीन बार हुए हैं। ब्रेन में थोड़ी सी दिक्कत हो रही है, लेकिन पूर्णत: आराम लगेगा, यह लौटकर नहीं होगा। बालाजी का आशीर्वाद है।

मेडिकल और मंत्र दोनों की सलाह

धीरेंद्र शास्त्री ने पुलिसकर्मी को आश्वस्त करते हुए कहा कि झाड़ा दरबार के बाद या कल कर देंगे। उन्होंने स्पष्ट सलाह दी कि 'मंत्र चिकित्सा करेंगे, लेकिन डॉक्टरी सलाह भी चलाना है।'

एक-एक शब्द सच है: ASI सुरेंद्र कुमार

पर्चा सुनते ही ASI सुरेंद्र कुमार भावुक हो गए। उन्होंने माइक पर स्वीकार किया कि बाबा ने जो कुछ भी बताया, वह 100 प्रतिशत सत्य है। उन्होंने कहा, 'महाराज जी, मुझे पूर्ण विश्वास था, लेकिन मन में संशय था कि ड्यूटी के दौरान कैसे मिल पाऊंगा। आपने मेरी सुन ली।' इसके बाद पंडाल में बालाजी महाराज के जयकारे गूंज उठे।