बनारस के होटल में ठहरे हैदराबाद के भाई-बहन, तीसरे दिन सुसाइड; बैग से मिले साढ़े छह लाख रुपए...
यूपी के वाराणसी के कैंट स्टेशन के सामने एक होटल में ठहरे हैदराबाद निवासी भाई-बहन ने मंगलवार दोपहर आत्महत्या कर ली। उनके शव फर्श पर लगे बिस्तर पर मिले। होटल में दिए गए आधार कार्ड की कॉपी से दोनों के रिश्ते की पुष्टि हुई। उनके बैग से पुलिस को करीब 6 लाख 61 हजार रुपए, आधार कार्ड, लैपटाप, पैनकार्ड और पासपोर्ट मिले हैं। होटल इन कर्मचारियों के अनुसार बीते आठ फरवरी से हैदराबाद (सीताफल मंडी, सिकंदराबाद) के 46 वर्षीय गणेश गौड़ गुनलापल्ली और उसकी बहन 38 वर्षीय धनलक्ष्मी गुनलापल्ली होटल के 2005 नंबर के कमरे में ठहरे थे। उन्हें मंगलवार सुबह चेक आउट करना था।
दोपहर तक कमरे से सुगबुगाहट नहीं मिलने पर होटल कर्मचारियों ने उन्हें फोन किया। कई बार कॉल रिसीव नहीं होने पर सिगरा पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी देर में पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। वीडियोग्राफी कराते हुए दरवाजा खोला गया। अंदर दो सिंगल बेड सलीके से लगे थे। नीचे फर्श पर लगे बिस्तर पर दोनों के शव पड़े थे। धनलक्ष्मी के मुंह से झाग निकल रहा था। टेबल पर पानी की बोतल और टैबलेट्स बिखरे पड़े थे। कुछ दवाइयों के पत्ते भी टेबल के पास थे।
बैग से मिले छह लाख रुपये और लैपटॉप
कैंट स्टेशन के सामने होटल में आत्महत्या करने वाले हैदराबाद निवासी भाई-बहन के बैग से पुलिस को करीब 6 लाख 61 हजार रुपए, आधार कार्ड, लैपटाप, पैनकार्ड और पासपोर्ट मिले हैं। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि आधार कार्ड पर दर्ज पत्ते की पुलिस ने तस्दीक कराई। वहां से बताया गया कि वर्ष 2018 से इनका परिवार इस पते पर नहीं रहता। पुलिस इनके परिजनों और अन्य जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। आशंका है कि नींद की अधिक गोली खाकर दोनों ने जान दी होगी। फोरेंसिक जांच के बाद दवाओं की जानकारी मिलेगी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। भाई-बहन के बैग से एक मृत्यु प्रमाणपत्र मिला। इसमें पता चलता है कि एक बहन अमला देवी की मृत्यु इसी 28 जनवरी को हो चुकी है। जांच के दौरान एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी, सिगरा इंस्पेक्टर संजय मिश्रा, रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह भी मौजूद थे।
सूदखोरों से तंग दंपति ने दो बेटों संग दी थी जान
दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के देवनाथपुरा इलाके में आंध्रा आश्रम के कैलाश भवन में 7 दिसंबर 2023 को आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के 50 वर्षीय कोंडा बाबू, उसकी पत्नी 45 वर्षीय लावण्या, बेटे 25 वर्षीय राजेश और 23 वर्षीय जयराज की फंदे से लटकी लाश मिली थी। कमरे से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उनके यहां के सूदखोरों का नाम था। सूदखोरों से परेशान होकर परिवार वाराणसी आया और यहां आकर जान दे दी। मामले में तब दशाश्वमेध पुलिस ने केस भी दर्ज किया था, हालांकि इसमें गिरफ्तारी या कार्रवाई आज तक नहीं हुई।