मप्रः महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, कुबेरेश्वरधाम पहुंचे पांच लाख से अधिक श्रद्धालु...
- पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर लाखों शिव भक्तों ने देश भर में लगाए एक करोड़ पौधे
सीहोर, 15 फरवरी। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय स्थित कुबेरेश्वरधाम में चल रहे सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को महाशिवरात्रि के मौके पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था और उत्साह के साथ शिव महापुराण का श्रवण किया।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सुबह कुबेरेश्वरधाम मंदिर परिसर में रुद्राक्ष से निर्मित भव्य शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन अर्चन किया और उसके पश्चात मंदिर परिसर में ग्रीन शिवरात्रि को लेकर वेलपत्र पौधों का रोपण किया। इसके बाद देश भर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाना, पंजाब, हिमाचल प्रदेश बिहार आदि प्रदेशों में करीब एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया।
महाशिवरात्रि पर पौधा रोपण करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मानव जीवन पूर्ण रूप से स्वस्थ तभी होगा जब कदम-कदम पर पौधे लगेंगे। पौधरोपण जीवन के लिए बेहद जरूरी है। आक्सीजन देने वाले पौधों की महत्ता को दरकिनार नहीं किया जा सकता। हमें मुफ्त में आक्सीजन पेड़-पौधे ही देते हैं। बढ़ती जनसंख्या और घटते पेड़-पौधे मानव जीवन के अस्तित्व पर सवा खड़ा कर रहे हैं। पर्यावरण संतुलन से ही मानव सुरक्षित व खुशहाल रहेगा। भगवान शिव का संदेश भी प्रकृति से तालमेल रखने का है।
कथा श्रवण करने वालों के लिए विठलेश सेवा समिति के द्वारा यहां पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा रविवार को 80 क्विंटल से अधिक फलहारी खिचड़ी, 50 क्विंटल छाछ, 30 क्विंटल फलहारी मिक्चर, 25 क्विंटल से अधिक साबूदाने की खीर का समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा, आशीष वर्मा, आकाश शर्मा, यश अग्रवाल आदि ने किया।
शिव महापुराण के दूसरे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि तुम्हारे दुख की घड़ी में भोले बाबा हमेशा खड़ा रहेगा। तुम्हारा कष्ट तुम्हें सहना है, कोई दूसरा नहीं सहेगा। परिवार वाले आएंगे, केवल शंकर जी को जल चढ़ाया है तो नंदी ही तुम्हारा दर्द बाटेंगे। देवाधिदेव महादेव पृथ्वी पर रहते हैं, वह तुम्हारे पास आएंगे तुम्हारा दुख हरने के लिए, लेकिन उसके लिए तुम्हें उन्हें दिल से पुकारना होगा।
आज रविवार को पांच लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर सहित आस-पास मौजूद थे और पूरे भाव से कथा का श्रवण कर रहे थे। चार बड़े पंडालों के साथ-साथ श्रद्धालु खुले में पीछे तक बैठे नजर आए। पंडित मिश्रा को सीधे न देख पाने वाले भक्तों ने यहां पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कथा का श्रवण किया।
भक्ति, राष्ट्रवाद और पर्यावरण संरक्षण के त्रिवेणी संगम का साक्षी
समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि विठ्ठलेश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य शिव महापुराण कथा एवं रुद्राक्ष महोत्सव के दूसरे दिन कुबेरेश्वर धाम भक्ति, राष्ट्रवाद और पर्यावरण संरक्षण के त्रिवेणी संगम का साक्षी बना। पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज के आह्वान पर आज देश-दुनिया में करोड़ों अनुयायियों ने ग्रीन शिवरात्रि मनाई। कथा के प्रारंभ में महाराजश्री ने ज्योतिर्लिंग वाटिका में 13 पौधों का रोपण कर प्रकृति सेवा का संदेश दिया।
कथा के दूसरे दिन मंच पर देश की कई प्रतिष्ठित विभूतियाँ उपस्थित रहीं
रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान देश की कई प्रतिष्ठित विभूतियां कुबेरेश्वर धाम पहुंची। इनमें जल संरक्षण विशेषक्ष पद्मश्री डॉ. उमाशंकर पाण्डेय, पर्यावरण गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्या और पतंजलि ग्रामोद्योग न्यास के महामंत्री डॉ. यशदेव शास्त्री शामिल हैं।
सामाजिक एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा सुनाते हुए कहा कि 'जिस घर के बच्चे मंदिर की सीढ़ी चढ़ना शुरू कर देते हैं, उस घर के बुजुर्गों को कभी वृद्धाश्रम की सीढ़ी नहीं चढ़नी पड़ती। उन्होंने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का समर्थन करते हुए भक्तों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हम खुद का काम करेंगे और स्वावलंबी बनेंगे, तो कोई देश हमें ठोकर नहीं मार सकेगा।
कथा के दौरान महाराज श्री ने एक नेत्र विहीन बेटी का पत्र पढ़ा, जिसने कंकड़-शंकर के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की। पंडितजी ने बताया कि कुबेरेश्वर धाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों के विश्वास का केंद्र है। कथा का विश्राम 'तेरा शुक्रिया है- भजन और महाआरती के साथ हुआ। इस अवसर पर पतंजलि फूड्स के एमडी राम भरत, आस्था चैनल के सीईओ प्रमोद जोशी, संस्कार चैनल के सीईओ मनोज त्यागी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।