एग्जाम सेंटर पर स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की एक झलक पाने को बेताब हुए शिक्षक, लेकिन परीक्षा हॉल में नहीं मिलेगा कोई स्पेशल ट्रीटमेंट...
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से दुनिया को अपना मुरीद बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब समस्तीपुर में अपनी शैक्षणिक प्रतिभा साबित करने के लिए तैयार हैं. 17 फरवरी से शुरू हो रही सीबीएसई (CBSE) 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए वैभव का केंद्र पोदार इंटरनेशनल स्कूल में पड़ा है। वैभव की उपस्थिति को लेकर न केवल छात्र, बल्कि स्कूल के शिक्षक भी बेहद उत्साहित और एक्साइटेड नजर आ रहे हैं।
शिक्षकों में दिखा फैन मोमेंट
वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके परीक्षा केंद्र के शिक्षक भी उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब हैं. स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर ने कहा, 'एक खिलाड़ी होने के नाते मेरे अंदर बहुत उत्साह है. वैभव उम्र में छोटे हैं, लेकिन उन्होंने पूरी दुनिया में नाम कमाया है.' वहीं, महिला शिक्षकों ने वैभव को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने ताजपुर और समस्तीपुर का नाम रोशन किया है, उम्मीद है कि वे पढ़ाई में भी टॉप करेंगे।
क्या वैभव को मिलेगा 'स्पेशल ट्रीटमेंट'?
जैसे ही यह खबर फैली कि स्टार क्रिकेटर वैभव उनके स्कूल में परीक्षा देंगे, सुरक्षा और विशेष व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई. हालांकि, पोदार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल ने स्पष्ट कर दिया है कि वैभव को कोई 'स्पेशल ट्रीटमेंट' नहीं दिया जाएगा।
प्रिंसिपल ने बताया कि, परीक्षा हॉल के अंदर वैभव एक सामान्य छात्र की तरह ही परीक्षा देंगे. सीबीएसई के नियमों के अनुसार सभी बच्चे एक समान हैं. वहीं वैभव के क्रेज और भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचित कर दिया गया है ताकि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके. पूरे स्कूल में सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया है और सुरक्षा के लिए पुख्ता फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई है।
क्रिकेट की पिच नहीं, अब पेन-पेपर का खेल
प्रिंसिपल ने मुस्कुराते हुए कहा, 'वैभव उभरते हुए सितारे हैं, उनके लिए क्रिकेट का मैदान अपनी कला दिखाने की जगह है. लेकिन यहां परीक्षा केंद्र पर उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए 'पेन और पेपर' का ही इस्तेमाल करना होगा.' स्कूल प्रशासन ने साफ किया कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए किसी भी छात्र को कोई विशेषाधिकार नहीं मिलेगा।
समस्तीपुर में उत्सव जैसा माहौल
समस्तीपुर के लोग और वैभव के स्कूल के सहपाठी इस बात को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनके बीच का एक लड़का आज विश्व विजेता बनकर लौटा है. 17 फरवरी को जब वैभव अपना पहला पेपर देने पहुंचेंगे, तो वह नजारा किसी उत्सव से कम नहीं होगा।