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India Emergency Alert System 2026: क्या आपके मोबाइल पर आया ये 'डरा देने वाला' सरकारी मैसेज? क्या है? इसके पीछे का मकसद

India Emergency Alert System 2026: क्या आपके मोबाइल पर आया ये 'डरा देने वाला' सरकारी मैसेज? क्या है? इसके पीछे का मकसद


अगर 20 फरवरी 2026 की दोपहर आपके मोबाइल पर अचानक तेज बीप या वाइब्रेशन के साथ एक मैसेज आया, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह असली आपदा नहीं, बल्कि भारत सरकार के नए पब्लिक सेफ्टी सिस्टम का लाइव टेस्ट था। इस परीक्षण को National Disaster Management Authority (NDMA) और Department of Telecommunications (DoT) ने साथ मिलकर किया है।

मोबाइल पर Emergency Alert क्यों आया?

20 फरवरी की दोपहर NDMA और DoT ने Emergency Cell Broadcast System की टेस्टिंग की। इस दौरान एंड्रॉइड और iOS दोनों डिवाइस पर एक ब्रॉडकास्ट मैसेज भेजा गया, जिससे तेज अलर्ट टोन या वाइब्रेशन ट्रिगर हुआ। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि प्राकृतिक आपदा या किसी बड़ी आपात स्थिति में देशभर में लोगों तक तुरंत चेतावनी कैसे पहुंचाई जा सकती है।

क्या था टेस्ट मैसेज?

लोगों को जो मैसेज मिला, उसमें साफ लिखा था कि यह एक TEST Cell Broadcast message है। मैसेज में कहा गया कि यह भारत सरकार द्वारा आपदा अलर्ट सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया है। लोगों से अनुरोध किया गया कि वे इसे नजरअंदाज करें और किसी प्रकार की कार्रवाई की जरूरत नहीं है।

किसने विकसित किया है ये सिस्टम?

यह अलर्ट सिस्टम Centre for Development of Telematics (C-DOT) द्वारा विकसित किया गया है। यह तकनीक Cell Broadcast के जरिए काम करती है, जिससे किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ मैसेज भेजा जा सकता है। इस मैसेज को बिना किसी इंटरनेट के भेजा जाता है।

क्या Android और iPhone दोनों पर आया अलर्ट?

हां, यह अलर्ट Android और iOS दोनों डिवाइस पर भेजा गया। तेज बीप की वजह यह थी कि इमरजेंसी मैसेज आम SMS की तरह नहीं, बल्कि विशेष अलर्ट टोन के साथ आता है, ताकि इसपर ध्यान तुरंत जाए।

असली आपदा के समय कैसे काम करेगा ये सिस्टम?

जब भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य प्राकृतिक आपदा की संभावना होती है, तो यह सिस्टम अपना काम शुरू कर देने वाला है। इस सिस्टम की मदद से प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल फोनों पर तुरंत मैसेज भेजा जाने वाला है, अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अलर्ट मिलने वाला है, इंटरनेट के बिना भी काम करेगा ये सिस्टम, एक ही समय में लाखों लोगों तक सूचना पहुंचाने काम में आता है। इससे पहले कई बार SMS के जरिए अलर्ट भेजे जाते थे, लेकिन Cell Broadcast ज्यादा तेज और प्रभावी तरीका है।

क्या बार-बार मैसेज आना सामान्य था?

हां। टेस्ट के दौरान मैसेज एक से अधिक बार आ सकता था। मैसेज में ही बताया गया था कि इसे इग्नोर करें और कोई कार्रवाई जरूरी नहीं है।

भारत में क्यों जरूरी है यह पहल?

भारत जैसे बड़े और विविध भौगोलिक देश में प्राकृतिक आपदाएं आम हैं। समय पर चेतावनी मिलने से जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है। यह नई पब्लिक सेफ्टी पहल सरकार के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

घबराएं नहीं, यह सुरक्षा के लिए तैयार की ओर एक कदम है

अगर आपको 20 फरवरी को मोबाइल पर तेज बीप सुनाई दी, तो समझ लीजिए कि यह आपकी सुरक्षा के लिए की गई एक तैयारी थी। NDMA और DoT का यह लाइव टेस्ट दिखाता है कि आने वाले समय में आपदा प्रबंधन और भी तेज और प्रभावी होगा।