आज सोना लूट गिरोह का कुख्यात अपराधी प्रिंस हुआ मुठभेड़ में ढेर, STF-वैशाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिहार, नेपाल व अन्य राज्यों में तलाश...
हाजीपुर(वैशाली)। देश के विभिन्न राज्यों में सोना लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।यह कार्रवाई शुक्रवार को पटना एसटीएफ और वैशाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सदर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर कॉलोनी में की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान प्रिंस ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह मारा गया।
हनुमान नगर में STF-पुलिस की घेराबंदी, मुठभेड़ में मौत
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस हनुमान नगर कॉलोनी स्थित एक घर में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद एसटीएफ और वैशाली पुलिस की टीम ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया। जैसे ही पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा, प्रिंस ने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पूर्णिया तनिष्क लूटकांड समेत कई संगीन मामलों का आरोपी
मारा गया अपराधी प्रिंस कुमार वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का निवासी था। वह पूर्णिया के चर्चित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम लूटकांड का भी आरोपी रहा है। इसके अलावा उसके खिलाफ वैशाली जिले के सदर, बिदुपुर, महुआ, भगवानपुर, गोरौल, पातेपुर सहित कई थानों में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज थे। सीतामढ़ी के रून्नी सैदपुर थाने में भी आर्म्स एक्ट का केस उस पर दर्ज है।
पीएमसीएच से फरारी ने बढ़ाई थी पुलिस की चुनौती
सितंबर 2024 में प्रिंस कुमार को बेउर जेल से अन्य कैदियों के साथ इलाज के लिए पीएमसीएच लाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस को चकमा देकर फरारी काट ली थी। बताया जाता है कि उसने एक पुलिसकर्मी को मटन पार्टी में उलझाकर कमरे में बंद कर दिया और अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। इसके बाद से वह बिहार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
बिहार, नेपाल और अन्य राज्यों में चल रही थी तलाश
फरारी के बाद एसटीएफ सहित बिहार पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थीं। बिहार के अलावा नेपाल और अन्य राज्यों में भी उसकी तलाश की जा रही थी। वैशाली जिले के एक हत्या के मामले में भी वह फरार चल रहा था। हाल ही में न्यायालय से उसके खिलाफ इश्तेहार जारी होने के बाद पुलिस ने उसके घर पर इश्तेहार चिपकाया था और परिजनों को जल्द आत्मसमर्पण कराने की चेतावनी दी गई थी।
सोना लूट गिरोह के सरगना से भी जुड़ चुका था नाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रिंस का नाम सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह के साथ भी जुड़ चुका है। माना जा रहा है कि वह गिरोह के लिए अहम भूमिका निभाता था। मुठभेड़ के समय उसके कुछ सहयोगी भी आसपास मौजूद थे, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।
प्रिंस कुमार: एक कुख्यात अपराधी का अंत
प्रिंस कुमार एक कुख्यात अपराधी था, जिस पर लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और हत्या जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे। वह वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का निवासी था और इंजीनियरिंग का छात्र था।
फरारी और मुठभेड़
प्रिंस कुमार पिछले साल सितंबर में पीएमसीएच से फरार हो गया था, जब उसे इलाज के लिए बेउर जेल से लाया गया था। वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था और तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शुक्रवार को बिहार एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली कि प्रिंस हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक घर में छिपा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू की, लेकिन प्रिंस ने पुलिसकर्मी पर फायरिंग कर दी।
अपराधिक इतिहास
प्रिंस कुमार का अपराधिक इतिहास लंबा था। वह सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह के साथ भी जुड़ा था। उसके विरुद्ध वैशाली के सदर, बिदुपुर, महुआ, भगवानपुर, गोरौल, पातेपुर समेत अन्य थानों में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे।