वाराणसी में सेंट्रल जेल रोड स्थित'अवधअपार्टमेंट में आज सुबह सातवीं मंजिल से नीचे गिरी राजस्व अधिकारी की पत्नी, मौके पर मौत, सुसाइड की आशंका...
आज वाराणसी में सेंट्रल जेल रोड स्थित 'अवध अपार्टमेंट' में रविवार की सुबह उस वक्त मातम पसर गया, जब अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से एक महिला के गिरने की खबर आई। मृतका की पहचान 50 वर्षीया सीमा सिन्हा के रूप में हुई है, जो सुल्तानपुर में तैनात चकबंदी विभाग के बंदोबस्त अधिकारी (Settlement Officer) पंकज कुमार की पत्नी थीं। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, जिसका कारण मृतका का लंबे समय से चल रहा डिप्रेशन बताया जा रहा है।
छुट्टी पर आए थे पति, सुबह घटी घटना
जानकारी के अनुसार, सीमा सिन्हा अपने परिवार के साथ अवध अपार्टमेंट के सातवीं मंजिल स्थित फ्लैट में रहती थीं। उनके पति पंकज कुमार इन दिनों पांच दिन की छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। रविवार सुबह जब घर के अन्य सदस्य अपने कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक सीमा सिन्हा बालकनी की ओर गईं। चश्मदीदों के अनुसार, एक तेज चीख सुनाई दी और अगले ही पल सीमा अपार्टमेंट के नीचे फर्श पर खून से लथपथ मिलीं। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन ऊंचाई से गिरने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
लंबे समय से डिप्रेशन का चल रहा था इलाज
घटना की सूचना मिलते ही शिवपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस की पूछताछ में पति पंकज कुमार ने बताया कि सीमा पिछले काफी समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन (Depression) से जूझ रही थीं। उनका चिकित्सकीय उपचार भी चल रहा था। रविवार सुबह अचानक उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ी और उन्होंने रेलिंग फांदकर नीचे छलांग लगा दी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बीमारी के चलते वह ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेंगी। सीमा अपने पीछे पति और दो बेटियों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
शिवपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सुसाइड का ही लग रहा है, क्योंकि परिवार ने किसी भी प्रकार की रंजिश या विवाद से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे कोई तात्कालिक कारण था। अपार्टमेंट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और डिप्रेशन के शिकार लोगों की विशेष देखभाल की जरूरत को रेखांकित किया है।