काशी केदार खंड के श्रीराम तारक आंध्र आश्रम में हो रहे श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेक के साथ राज सिंहासन पर बैठे राजाधिराज श्रीराम...
केसरी न्यूज 24 वाराणसी, ब्यूरो। वेद मंत्रों की गूंज के बीच वैदिक विद्वानों में देश की सभी पवित्र नदियों और सागर के जल से अभिषक्त कर श्रीराम प्रभु को अयोध्या के राजसिंहासन पर आरूढ़ कराया गया। इसके साथ ही मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र की गलियां राजाधिराज श्रीराम की जयकारों से गूंज उठीं।
अवसर था काशी केदार खंड के श्रीराम तारक आंध्र आश्रम में हो रहे श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सव के मुख्य अनुष्ठान का। मानसरोवर तीर्थ स्थित श्रीराम तारक आंध्र आश्रम में बीते दस दिनों से मनाए जा रहे उत्सव के 10वें दिन शनिवार प्रातः काल से ही उत्सव मंडप वेद घोष की स्वर लहरियों से गूंज उठा।
महोत्सव के मुख्य आचार्य उलिमिरी सोमायजुलू के निर्देशन में देश की पुण्य सलिला नदियों और सागर के जल से श्रीराम प्रभु का मस्तकाभिषेक किया गया। इसके पश्चात राज्याभिषेक की सारी रीतियां पूरी कर राजसी वस्त्रों में सजे-धजे श्रीराम एवं माता जानकी को सिंहासनारूढ़ कराया गया।
आचार्य सोमायजुलू ने केसरी न्यूज 24 मीडिया को बताया कि इस द्वादश दिवसीय अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य देश में सुखशांति की कामना हैं। महोत्सव में 29 मार्च को माता सीता का कुमकमार्चन तथा श्रीराम प्रभु का लक्ष तुलसीदल अर्चन का अनुष्ठान होगा।
वहीं अनुष्ठान के मुख्य यजमान एवं आंध्र आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी वीवी.सुंदरशास्त्री ने बताया कि आंध्र आश्रम में अगले वर्ष महापट्टाभिषेक महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए वाल्मीकि रामायण के सौ से भी ज़्यादा मर्मज्ञ पारायण करेंगे।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीवीबी. सुब्रह्मण्यम, चेनुलु , विरूपाक्ष मूर्ति, शेखर द्रविड़, अनंत गुरुजी, शिव शर्मा, वेमुरी उमा, धारणिया, रुक्मिणी, सुजाता आदि की सहभागिता रही।