गंगा एक्सप्रेसवे रिकॉर्ड समय में तैयार, 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी; अब यूपी को मिलेगी नई रफ्तार.. 29 को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन...
UP News : मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के तौर पर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे की घोषणा की थी।सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया। 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाहजहांपुर में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी।
आधारशिला रखे जाने के साथ ही युद्ध स्तर पर काम पूरा कर अब इसे उद्घाटन की दहलीज तक पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री 29 अप्रैल को हरदोई में इसका उद्घाटन करेंगे। मेरठ, प्रयागराज समेत आठ जिलों में विशेष कार्यक्रम होगा। 12 जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ ही यह एक्सप्रेसवे यूपी को नई रफ्तार देगा।
करीब दो दशक पहले जिस 'गंगा एक्सप्रेसवे' की कल्पना की गई थी, वह अब धरातल पर उतरने को तैयार है। दो दशक पूर्व काशी (वाराणसी) से हरिद्वार के बीच की दूरी को समेटने वाले महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कल्पना की गई थी। अब उसके बड़े भाग मेरठ से प्रयागराज के बीच गंगा एक्सप्रेसवे 29 अप्रैल को जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे की नींव का विचार दो दशक पुराना है। उस समय इस परियोजना की कल्पना की गई थी। तब से लेकर प्रयागराज कुंभ तक काफी चर्चाएं हुईं, लेकिन विभिन्न कारणों और कानूनी अड़चनों की वजह से यह योजना धीरे-धीरे आगे बढ़ती चली गई थी। मौजूदा सरकार ने 2019 में इस प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित किया। पुनर्जीवित करने के साथ ही सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया। 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी।
जनता को मिलेगी बड़ी राहत
594 किलोमीटर लंबे इस गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल गंगा-यमुना की संगम नगरी प्रयागराज और क्रांतिधरा मेरठ जैसे पुराने केंद्रों के बीच यात्रा का समय आधा रह जाएगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक के जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। मेरठ से लेकर प्रयागराज के बीच 12 जिले सीधे कनेक्ट होने जा रहे हैं। सरकार की नजर में यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति की जीवन रेखा है। दो दशक पुराने सपने को हकीकत में बदलना प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
चार पैकेज में तेजी से आगे बढ़ा काम
गंगा एक्सप्रेसवे के रिकार्ड समय में तैयार होने का मुख्य आधार मल्टी पैकेज माडल रहा है। यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को देश को समर्पित करेंगे। लगभग ₹37 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट को चार प्रमुख पैकेज (ग्रुप) में विभाजित कर तेजी से आगे बढ़ाया गया।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को मल्टी पैकेज माडल के तहत अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से पूरा कराया गया। प्रमुख डवलपर्स और ईपीसी कान्ट्रैक्टर्स को समानांतर रूप से काम करने का अवसर मिला, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई। पहले पैकेज की लंबाई 129.70 किलोमीटर रखी गई, जिसकी कुल लागत नौ हजार करोड़ से अधिक है। दूसरे पैकेज की लंबाई 151.70 किलोमीटर और कुल लागत लगभग नौ हजार करोड़ रुपये है। तीसरे पैकेज की लंबाई 155.70 किलोमीटर और कुल लगात लगभग नौ हजार करोड़ रुपये निर्धारित है। चौथे और सबसे लंबे पैकेज की लंबाई 156.847 किलोमीटर है, जिसकी कुल लागत लगभग 9.5 हजार करोड़ रुपये है। परियोजना की निगरानी यूपीडा द्वारा की जा रही है, जिसने डिजाइन, निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण तीनों स्तरों पर सख्त मानिटरिंग सुनिश्चित की है।
तैनात होगी पुलिस
उद्घाटन समारोह हरदोई में हो रहा है, लेकिन एक्सप्रेसवे का शुरुआती बिन्दू मेरठ का बिजौली होने से पुलिस प्रशासन सतर्क है। डीएम डॉ. वीके सिंह ने संबंधित अफसरों को सतर्क रहने और समय सीमा के भीतर तैयारियों को पूरा करने का निर्देश दिया है। एक्सप्रेसवे के प्रवेश और निकास द्वारों पर पुलिस तैनाती रहेगी।
साढ़े तीन किलोमीटर की हवाई पट्टी भी
गंगा एक्सप्रेसवे पर साढ़े तीन किमी की हवाई पट्टी सैन्य ताकत को भी बढ़ाती है। भारतीय वायुसेना के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। इस एक्सप्रेसवे पर बनी हवाई पट्टी पर वायुसेना ट्रायल भी कर चुकी है। इस पट्टी पर वायुसेना के सबसे एडवांस फाइटर टेकआफ और लैंड कर सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे की महत्वपूर्ण बातें
1. लंबाई और मार्ग: यह 594 किमी लंबा है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक जाता है, जिससे यह राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन गया है।
2. 12 जिलों को कर रहा कनेक्ट: यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को सीधे जोड़ेगा।
3. यात्रा समय में कमी: मेरठ से प्रयागराज का सफर जो पहले 12-14 घंटे में होता था, अब सिर्फ 6 से 7 घंटे में तय किया जा सकेगा।
4. सुरक्षा और गति: एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से वाहनों का चलना सुरक्षित होगा। सुरक्षा के लिए उद्घाटन से तीन दिन पहले तक इस पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।