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कौन हैं मुकुल चौधरी? जिसने 27 गेंद पर नाबाद 54 रन की पारी खेल KKR के खिलाफ पलट दी हारी हुई बाजी, और बने "मैन ऑफ द मैच"...

कौन हैं मुकुल चौधरी? जिसने 27 गेंद पर नाबाद 54 रन की पारी खेल KKR के खिलाफ पलट दी हारी हुई बाजी, और बने "मैन ऑफ द मैच"...

आईपीएल 2026 में दो दिन में दो जबरदस्त मुकाबले देखने को मिले। बुधवार को दिल्ली और गुजरात के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया, जहां गुजरात ने एक रन से मैच जीता। वहीं, गुरुवार को IPL को कोलकाता और लखनऊ के मैच के जरिए एक नया सितारा मिल गया है।जिसका नाम है मुकुल चौधरी। इस अनकैप्ड खिलाड़ी ने अपने दमदार प्रदर्शन के चलते रातों-रात सुर्खियां बटोर लीं। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर मुकुल चौधरी कौन है।

लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए मुकुल चौधरी ने जिस तरह अकेले दम पर टीम को आखिरी गेंद पर जीत दिलाई। वह वाकई काबिलेतारीफ है। आखिरी दो ओवर में 30 रन चाहिए थे और 19वें ओवर में ग्रीन के खिलाफ 21 साल के लड़के ने 16 रन बनाकर अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। इसके बाद आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे और उन्होंने पांचवीं गेंद पर छक्का जड़कर मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद आखिरी गेंद पर बाई के रूप में रन पूरा कर लिया।

तूफानी में जड़े 7 छक्के

मुकुल चौधरी ने 27 गेंद पर नाबाद 54 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी पारी के दौरान मुकुल ने दो चौके और 7 छक्के जड़े। उनको उनके दमदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया है। 182 रन के टारगेट को चेज करते हुए लखनऊ की हार लगभग तय थी लेकिन 21 साल के युवा बल्लेबाज ने मैच का पासा पलट दिया। सभी को हैरान करते हुए लखनऊ को यादगार जीत दिलाई।

कौन हैं मुकुल चौधरी

राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले मुकुल बचपन में एक मध्यम गति के गेंदबाज बनना चाहते थे। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी राह बदली और विकेटकीपिंग के साथ-साथ आक्रामक बल्लेबाजी को अपना मुख्य हथियार बनाया। मुकुल चौधरी घरेलू क्रिकेट में राजस्थान के लिए खेलते हैं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए आईपीएल 2026 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 2.60 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पर खरीदा।

SMAT में की विस्फोटक बल्लेबाजी

मुकुल चौधरी ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण चर्चा में आए थे। जहां उन्होंने 198.85 के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर सेलेक्टर्स का ध्यान खींचा था। सैयद मुश्ताक अली ट्ऱॉफी में मुकुल ने 5 पारियों में 173 रन बनाए। वह आखिरी के चार ओवर के आक्रमक बैटर माने जातें हैं, जिसकी झलक कोलकाता के खिलाफ मैच में दिखाई। उन्होंने अपने राज्य की टीम से चार फर्स्ट क्लास मैचों में 103 रन बनाए हैं और पांच लिस्ट ए मैचों में उनके नाम 71 रन दर्ज हैं।

पिता का सपना- बेटा बने क्रिकेटर

मैच के बाद मुकुल ने कहा, मेरे पिता का सपना था कि मेरा बेटा एक दिन क्रिकेट खेले। मैंने एज ग्रुप लेवल पर ही स्टार्ट कर दिया था, लेकिन वहां सिक्किम में अच्छी एकेडमी नहीं थीं। मैंने दिल्ली और गुड़गांव में खेला और उससे मुझे काफी फायदा हुआ। जब मैं यूपी के खिलाफ अंडर-19 का मैच खेल रहा था और लो स्कोरिंग मैच में रन बनाया था, तभी मेरे पिता को लग गया था कि मैं बड़ा क्रिकेटर बना सकता हूं।

भगवान ने दिया मौका

मुकुल ने कहा, यह मेरा अंडर लाइट्स केवल दूसरा ही मैच था। भगवान ने मुझे मौका दिया है, यह मेरे लिए नाम कमाने का भी मौका है। मेरा टारगेट था कि आखिर तक बैटिंग करना है और फिर देखते हैं कि क्या होता है। मैंने दो मैचों से छक्का नहीं लगाया था और इसी वजह से जो आज पहला छक्का लगाया वो मेरा फेवरिट था। मैं आखिरी ओवर में जानता था कि चार में से एक ना एक गेंद स्लॉट में गिरेगी और मैं उस पर छक्का लगा सकता हूं।