Headlines
Loading...
अमावस्या पर मंदिर में दर्शन कर परिवार सहित लौट रहे थे पार्षद, कार बनी डेथ चैंबर, हुई मासूम समेत 6 की मौत...

अमावस्या पर मंदिर में दर्शन कर परिवार सहित लौट रहे थे पार्षद, कार बनी डेथ चैंबर, हुई मासूम समेत 6 की मौत...

कर्नाटक के यदागिरी जिले में अमावस्या के पावन अवसर पर भगवान के दर्शन करने गया एक परिवार भीषण त्रासदी का शिकार हो गया. सुरापुरा तालुक के शांतापुरा क्रॉस के पास एक निजी बस और कार की आमने-सामने की टक्कर ने ऐसा खौफनाक मंजर पैदा किया कि देखने वालों की रूह कांप गई. टक्कर के बाद कार में लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के छह सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं दिया और मासूम बच्चे सहित सभी 6 लोग जिंदा जल गए।

जिस नई कार में परिवार मंदिर की खुशियां और आशीर्वाद लेकर लौट रहा था, वही कार उनके लिए 'डेथ चैंबर' साबित हुई. इस दिलदहलाने वाले हादसे ने पूरे रायचूर जिले में शोक की लहर दौड़ दी है।

दर्शन कर लौट रहा था परिवार

घटना सुरापुरा तालुक के शांतापुरा क्रॉस के पास की है. जानकारी के अनुसार रायचूर जिले के सिरवारा कस्बे के रहने वाले कृष्ण नायक और उनका परिवार अमावस्या के पावन अवसर पर तिनथानी मौनेश्वरा स्वामी के दर्शन करने गया था. परिवार मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वापस अपने घर लौट रहा था, तभी काल बनकर आई एक निजी बस ने उनकी खुशियों को उम्र भर के मातम में बदल दिया।

नई कार बनी काल

कृष्ण नायक ने हाल ही में एक नई कार खरीदी थी. कृष्ण नायक बीजेपी से दूसरी बार स्थानीय निकाय चुनाव जीतकर पार्षद बने थे. नई कार की खुशी और भगवान के दर्शन का उत्साह लेकर परिवार तिनथानी गया था. लेकिन घर पहुंचने से पहले ही सुबह करीब 9:45 बजे बेंगलुरु से कलबुर्गी जा रही एक निजी बस ने उनकी कार को सामने से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें भीषण आग लग गई।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही परिवार और सगे संबंधी थे. मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

1. कृष्ण नायक (50) - पार्षद, भाजपा

2. अनंत कला (45) - कृष्ण नायक की पत्नी

3. शरणप्पा (36) 4. निसर्ग (30) - शरणप्पा की पत्नी

4. सिद्धार्थ (3) - शरणप्पा का मासूम बच्चा

5. शशिकला (30)

पुलिस जांच और मातम का माहौल

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ या किसी की लापरवाही की वजह से. पुलिस घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटा रही है. इस घटना के बाद सिरवारा कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है. जिस घर में नई कार और मंदिर दर्शन की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और चीख-पुकार बची है।