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गाजीपुर मामले पर अखिलेश के बाद प्रियंका गांधी हुईं आक्रामक, सीधे पीएम मोदी पर बोला हमला...

गाजीपुर मामले पर अखिलेश के बाद प्रियंका गांधी हुईं आक्रामक, सीधे पीएम मोदी पर बोला हमला...

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में 16 वर्षीया निशा विश्वकर्मा की हत्या का मामला अब राजनीतिक तूफान बन गया है। पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला, अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। सपा नेताओं के पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने की कोशिश और पथराव के बाद अब खुद अखिलेश यादव ने गाजीपुर जाने का ऐलान किया है। वह 29 अप्रैल को निशा के परिवार से मिलने गाजीपुर जाएंगे।

गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरिया गांव में 14-15 अप्रैल की रात निशा विश्वकर्मा का गंगा नदी किनारे शव मिला था। परिवार ने आरोप लगाया कि अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या या डूबने का मामला बताने की कोशिश की, लेकिन बाद में हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी हरिओम पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिवार का आरोप है कि केस दर्ज होने में देरी हुई और उन्हें धमकियां भी मिलीं। घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और जब सपा का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा तो पथराव किया गया। इसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हो गए।

इस पूरे मामले पर प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक तीखा ट्वीट कर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने लिखा, "गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में एक लड़की की हत्या के मामले में पहले केस दर्ज होने में आनाकानी, फिर पीड़ित परिवार को धमकियां मिलना और दबंगों द्वारा अराजकता फैलाना यह दिखाता कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार चरम पर है। भाजपा राज में अब यही अघोषित कानून बन गया है कि जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है तो पीड़ित को ही और प्रताड़ित किया जाता है।"

प्रियंका ने आगे कहा, "महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री जी की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ दिखावा हैं। उन्नाव हो, हाथरस हो, प्रयागराज हो या गाजीपुर, जहां भी महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, भाजपा अपनी पूरी सत्ता के साथ पीड़िता के खिलाफ, अत्याचारी के साथ खड़ी हो गई। देश भर की महिलाएं ये अंधेरगर्दी देख रही हैं।"

प्रियंका गांधी का यह ट्वीट विपक्षी दलों के लिए नई मुहिम का संकेत दे रहा है। अखिलेश यादव ने पहले ही योगी आदित्यनाथ सरकार पर "अराजकता" फैलाने का आरोप लगाया था और घटना को "महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल" बताया था। कांग्रेस और सपा दोनों ही पार्टियां इस मामले को महिलाओं के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। कुछ रिपोर्ट्स में पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि न होने की बात भी कही गई है, जिससे मामला और जटिल हो गया है।

विश्वकर्मा समाज ने भी इस घटना पर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है और न्याय की मांग की है। गांव में अभी भी तनाव बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

यह मामला उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विपक्ष की पुरानी आलोचना को फिर से ताजा कर रहा है। प्रियंका गांधी के हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी दिनों में यह मुद्दा और गरमाएगा। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि विपक्ष इसे "भाजपा की नाकामी" बता रहा है।